हर्बल मेडिसिन के मानकीकरण विषय पर
केंद्रीय दवा अनुसंधान संस्थान लखनऊ की पूर्व निदेशक
डॉ मधु दीक्षित द्वारा दिया व्याख्यान

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय की भीमताल स्थित भेषज विज्ञान विभाग में फार्मेसी विषय में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के विशेषीकृत व्याख्यानमाला के तहत आज भारत सरकार के केंद्रीय दवा अनुसंधान संस्थान लखनऊ की पूर्व निदेशक डॉ मधु दीक्षित द्वारा व्याख्यान दिया गया। डॉ मधु दीक्षित द्वारा ‘हर्बल चिकित्सा को आगे बढ़ाने में मानकीकरण और नैदानिक सत्यापन के लिए पूर्व नैदानिक साक्ष्य’ विषय पर केंद्रित होकर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उनके द्वारा हर्बल मेडिसिन में क्लिनिकल मानकीकरण हेतु फार्माकोलॉजिकल टेस्टिंग एवं प्रिक्लिनिकल साक्ष्य के महत्व पर प्रकाश डाला एवं इस प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इनके द्वारा आधुनिक प्रौद्योगिकी में हर्बल मेडिसिन के मानकीकरण हेतु सिमुलेशन स्ट्डीज के महत्व को भी रेखांकित किया। व्याख्यान के बाद उनके द्वारा प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शोधकर्ताओं के प्रश्नों का भी जवाब दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय दवा अनुसंधान संस्थान लखनऊ के ही पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ दिनेश दीक्षित, विभागाध्यक्ष प्रो कुमुद उपाध्याय, प्रो अनीता सिंह, डा तीरथ कुमार, डॉ राजेश्वर कमल कांत, कुलानुशासक डा रिशेंद्र कुमार, मंजू तिवारी, डा अरविंद जंतवाल, डा तनुज जोशी, नरेश पंत सहित परिसर के शिक्षक, शोधार्थी एवं फार्मेसी एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।




















