संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मालिकाना हक को लेकर विधायक सरिता को सोपा ज्ञापन
विधायक सरिता से मामले को सीएम धामी के समक्ष रखने की माँग की

देहरादून नैनीताल। देहरादून में मालिकाना हक की माँग को लेकर विधायक सरिता आर्य से मिला प्रतिनिधिमंडल
नैनीताल जिले की मालिकाना हक वभूमिधरी अधिकार की माँग को लेकर संघर्ष समिति के अध्यक्ष एस लाल के नेतृत्व में शिष्टमंडल देहरादून में नैनीताल की विधायक सरिता आर्य से मिला और विधायक को ज्ञापन सौंपकर बताया कि मालिकाना हक वभूमिधरी अधिकार को लेकर बताया कि
उत्तराखंड राज्य को अस्तित्व में आए पच्चीस साल हो गये इससे पूर्व यह प्रदेश 1950 में संयुक्त
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण यहां की भौगोलिक स्थिति भिन्न होने के कारण यहां की सामाजिक आर्थिक राजनीतिक व धार्मिक परिस्थितियाँ भिन्न हैं।पर्वतीय क्षेत्र में बसने वाले मूल निवासी शिल्पकार है जो अधिकांश आज भी भूमिहीन हैं ये लोग या तो वन ग्रामों में बसे हैं या फिर कुछ लोग हरिनगर गांवों में जो 1920 में मुन्शी हरि प्रसाद टम्टा जी के प्रयासों से बसाये गये थे आश्चर्य की बात है कि इन ग्रामों में बसे इन लोगों को आजतक मालिकाना हक व भूमिधरी अधिकार नहीं मिला है।आज भी सरकार की योजनाओं से ये वंचित हैं।राजनीति की बात करें तो वर्तमान में अनुसूचित जाति के तेरह विधायक हैं उन्होंने कभी इसका जिम्मेदारी के साथ संज्ञान नहीं लिया जमीनी नेताओं ने जबकभी उनको वनग्रामों व हरिनगरों के निवासियों की इन समस्याओं से अवगत कराया।
शिष्टमंडल ने विधायक से मामले को लेकर पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री धामी के समक्ष रखने की माँग की गयी है। इस मौके पर शिष्टमंडल में एस लाल प्रकाश चन्द्र शिल्पकार,ललित प्रसाद ,सुन्दर लाल पूरनचंद मौजूद थे।




















