October 5, 2026
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और नैनो टेक्नोलॉजी पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के

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समापन पर प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत

नैनीतालl सरोवर नगरी में ऊर्जा, कार्यात्मक सामग्री, अणु और नैनो टेक्नोलॉजी पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हार्मिटेज में आयोजित हुआ। आज सम्मेलन के तीसरे दिन, इस कार्यक्रम के शुरुआत में प्रोफेसर गीता तिवारी और प्रो. ली ने मुख्यवक्ता पृथु मुखोपाध्याय (प्रधान संपादक, जर्नल ऑफ विनाइल एडिटिव टेक्नोलॉजी, कनाडा)को आमंत्रित किया जिन्होंने ‘‘हस्तलिखित पांडुलिपि और स्वीकृति के रहस्य को उजागर करते हुए उद्योग और अकादमी जगत के बीच की खाई को पाटना’ के विषय में बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध कार्य और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय कैसे स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने पांडुलिपि प्रकाशन प्रक्रिया की बारीकियों को समझाते हुए यह बताया कि उच्च गुणवत्ता वाले शोधपत्रों को स्वीकार किए जाने की संभावनाएँ कैसे बढ़ाई जा सकती हैं। उनका व्याख्यान अनुसंधानकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। डॉ. ई. भोजे गौड़, जो कि सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट और अकादमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च में प्रोफेसर हैं, सीएसआईआर-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरडिसिप्लिनरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी तिरुवनंतपुरम में मैटेरियल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी डिवीजन से जुड़े हुए हैं। वे तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे मुख्य वक्ता रहे । उनका शोध कार्य भौतिकी और सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान देता है, जो विभिन्न औद्योगिक और वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके नेतृत्व में किया गया अनुसंधान नई सामग्रियों के विकास और उनकी तकनीकी क्षमताओं को उन्नत करने पर केंद्रित है, जिससे विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
इसके पश्चात तीन समानांतर तकनीकी सत्र चलाए गए इस दौरान 20 आमंत्रित वैज्ञानिकों ने व्याख्यान दियाl समारोह में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक प्रोफेसर नंदगोपाल साहू ने कॉन्फ्रेंस की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
प्रतिभागियों ने फीडबैक दिए।
विजेताओं को पुरस्कार एसएसजीयू विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट तथा कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रोफेसर दीवान सिंह रावत ने प्रदान किएl
इसके बाद विभिन्न पोस्टर प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए जिनमें

ऊर्जा –

  1. दीक्षा भट्ट, नैनीताल
  2. राहुल कुमार झा
  3. दुष्यंत सूथार, पुणे

कार्यात्मक सामग्री
प्रोफेसर गंगा बिष्ट मेमोरियल पुरस्कार

  1. प्रियंका हालसी, देहरादून
  2. संजीब घोष, धनबाद
  3. दिव्या महार, नैनीताल

3.सचिन कुमार डी. पटेल

3.सुहानी शर्मा, नई दिल्ली

सतत पर्यावरण एवं नैनोप्रौद्योगिकी
प्रोफेसर सी के दास स्मृति पुरस्कार

  1. कौस्तव साहू, खड़गपुर
  2. डॉ. सुमित कुमार, मद्रास
  3. प्रकाश यादव, ग्वालियर

मौखिक प्रस्तुति के परिणाम

ऊर्जा

  1. मनु शर्मा, नोएडा
  2. खुशबू कुमारी, धनबाद, भारत
  3. अरुण बुंघानी, पंतनगर, उत्तराखंड

कार्यात्मक सामग्री/अणु
प्रोफेसर गंगा बिष्ट मेमोरियल पुरस्कार

  1. प्रशंसा गुप्ता, दिल्ली एनसीआर
  2. पूनम महेंदिया, नोएडा
  3. शिवानी सोनी, राजस्थान

3.फातिमा अली हुसैन, दिल्ली

सतत पर्यावरण एवं नैनोप्रौद्योगिकी
प्रोफेसर सी के दास स्मृति पुरस्कार

  1. प्रिंसी, नोएडा
  2. अभिषेक वर्मा, दुर्गापुर
  3. दविंदर कौर, पटियाला, पंजाब
    इस अवसर पर प्रोफेसर बिष्ट ने कहा कि नैनो पार्टिकल बहुत महत्वपूर्ण हैं, जो जीवन को नई दिशा देने के लिए कारगर हैं। यह भविष्य के शोध के आधार है।
    कुलपति प्रोफेसर दिवान सिंह रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध की प्रवृत्ति बड़े तथा हमारे स्वाधार्थी विश्व पटल पर योगदान कर सके। यह इस कॉन्फ्रेंस की सफलता है। कार्यक्रम का संचालन, सह संयोजक, प्रोफेसर गीता तिवारी ने किया।विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चित्रा पांडे ने सभी को धन्यवाद दिया। कॉन्फ्रेंस के समापन पर कुलपति प्रॉफ सतपाल सिंह बिष्ट को तथा कुलपति प्रो दिवान एस रावत को प्रतीक चिन्ह देकर तथा शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया । समापन के मौके पर पूर्व प्रोफेसर प्रो केबी मेलकानी ,प्रॉफ एस पी एस मेहता ,प्रो ए बी मेलकानी को प्रतीक चिन्ह देकर तथा शॉल उड़ाकर सम्मानित किया गया। कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि नैनो पार्टिकल्स एवं मॉलिक्यूल्स के शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ।ये पानी के शुद्धि करण से लेकर जीवन में लाभप्रद है ।सोलर सेल की सुगमता प्राकृतिक ऊर्जा को अधिक उपयोग में ला सकती हैl इस मौके परअंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में प्रो नंद गोपाल साहू, प्रो चित्रा पांडे, प्रो डॉ महेश आर्या , प्रो. ललित तिवारी, प्रो विजय कुमार ,डॉ. ललित मोहन, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ. मनोज धूनी, डॉ. आंचल अनेजा, , डॉ. भावना पंत, डॉ. दीपशिखा जोशी, डॉ. आकांक्षा रानी, प्रो. एच. मिश्र, प्रो. मोहन सिंह मेहता, डॉ. गिरीश खर्कवाल, डॉ. चेतना तिवारी, डॉ. कुंदन सिंह, डॉ. सुनील ढाली, डॉ. भास्कर बोरा, प्रो. ओम प्रकाश पंतनगर, डॉ अनर बान डंडापथ, डॉ महेंद्र राणा ,प्रो एंथनी, डॉ पैनी जोशी ,डॉ संतोष उपाध्याय, मनीषा जोशी , आयशा सिद्दीकी, गरिमा चंद ,अभिषेक मेहरा,रुचि बसेड़ा, भावना त्रिपाठी, कारुण्या पपने सहित अन्य लोग उपस्थित रहे ।

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