कुमाऊं विश्वविद्यालय में
पीएम-उषा मेरू योजना के अंतर्गत
दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का हुआ आयोजन



नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पीएम-उषा (PM-USHA) मेरू योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के पश्चात उपलब्ध रोजगार एवं करियर के विभिन्न अवसरों से अवगत कराने के उद्देश्य से दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण तथा सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) के वैज्ञानिक-डी श्री राजेश कुमार, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेश जोशी, डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. संजय पंत एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रार्थना भी की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो. गीता तेवारी ने सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले हस्तनिर्मित गमले भेंट कर किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों को समझने तथा भविष्य के लिए उचित दिशा चुनने में सहायता प्रदान करते हैं।
प्लेसमेंट सेल के उपनिदेशक डॉ. गिबू साबू ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का समन्वय किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात पीएम-उषा मेरू की नोडल अधिकारी प्रो. सूची बिष्ट ने योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने कौशल एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. संजय पंत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के मार्गदर्शन सत्र विद्यार्थियों को करियर संबंधी निर्णय लेने, रोजगार के अवसरों को समझने तथा अपने भविष्य को बेहतर बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में नेशनल टेस्ट हाउस के वैज्ञानिक-डी श्री राजेश कुमार एवं श्री ऋतुराज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संस्थान में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी तथा सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर निर्माण के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
द्वितीय तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेश जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा एवं निरंतर सीखने के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए भारत में फोरेंसिक विज्ञान की बढ़ती आवश्यकता और आधुनिक न्याय व्यवस्था में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने निर्भया प्रकरण सहित चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए समझाया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण तथा अपराधों की जाँच में फोरेंसिक विज्ञान किस प्रकार महत्त्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं से भी परिचित कराया।
कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. ललित मोहन तिवारी, वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार, कृषि संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. एल.एस. लोधियाल, प्रो. अमित जोशी, डॉ. गीता तेवारी, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. गिबू साबू, डॉ. गिरीश, डॉ. राशि एवं डॉ. नगमा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त शोधार्थी लता नितवाल, भावना पांडे, पूजा, गौरव रावत, अंकिता एवं श्रेया जुकरिया सहित लगभग 120 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

























