पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का प्रथम चरण संपन्न
अनिरुद्ध आर्यभट्ट अनिरुद्ध को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर किया सम्मानित

नैनीताल। सरोवर नगरी के वीरभट्टी स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार, नैनीताल में आज वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के प्रथम चरण का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री यतीन्द्र जी रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश ने की। समारोह में विभिन्न शैक्षणिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह के प्रथम चरण में हिंदी सुलेख, अंग्रेजी सुलेख, हिंदी भाषण, अंग्रेजी भाषण, वैदिक गणित, स्वरचित काव्य पाठ तथा जीके हंट (सामान्य ज्ञान) प्रतियोगिताओं के बाल, माध्यमिक एवं उच्च वर्गों में सदनवार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जीके हंट प्रतियोगिता में कक्षा सात के अनिरुद्ध प्रताप सिंह, कक्षा 11 के आर्यभट्ट तथा कक्षा नौ के अनिरुद्ध सिंह को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। वैदिक गणित प्रतियोगिता में शिवांश एवं आयुष सिंह को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
अंग्रेजी भाषण प्रतियोगिता के बाल वर्ग में गौरांश, माध्यमिक वर्ग में अथर्व तथा उच्च वर्ग में हर्षित उपाध्याय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार हिंदी भाषण प्रतियोगिता के बाल वर्ग में प्रिंस राज, माध्यमिक वर्ग में वरेण्यम तथा उच्च वर्ग में शिवा को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
स्वरचित कविता प्रतियोगिता में बाल वर्ग से वंश चौधरी, माध्यमिक वर्ग से ऋद्धिमन अग्रवाल तथा उच्च वर्ग से सुधांशु कुमार शाह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री जितेंद्र जी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करने का सशक्त माध्यम है। प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों में अनुशासन, परिश्रम, धैर्य और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे पुरस्कार प्राप्त करने के साथ-साथ अपने ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व के विकास पर भी ध्यान दें। सफलता का वास्तविक अर्थ निरंतर सीखना, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना और प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करना है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विद्यालय की शैक्षिक एवं सहशैक्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि हमारा विद्यालय अरविंद, सागर, सुभाष, शिवाजी, तिलक और विवेकानंद जैसे छह सदनों में विभाजित है। इन सदनों के माध्यम से उच्च वर्ग, माध्यमिक वर्ग एवं बाल वर्ग के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शारीरिक एवं बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षिक ज्ञान प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग, रचनात्मकता और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की भावना विकसित करना भी है। वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों को पहचान देने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री अतुल पाठक जी ने किया। समारोह ने विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित किया।

























