एएनआरएफ परियोजना एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में
चौथे दिन क्या जानकारी दी गई लिंक मैं क्लिक कर जाने खबर में


नैनीताल। सरोवर नगरी के विश्वविद्यालय में एएनआरएफ परियोजना एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला के चौथे दिन प्रतिभागियों को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। साथ ही, कार्यशाला का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।
चौथे दिन के तकनीकी सत्र में सेहराज अली ने थर्मोग्रैविमेट्रिक विश्लेषण ( टी जी ए) पर व्याख्यान दिया। उन्होंने टी जी ए के मूल सिद्धांत, संचालन प्रक्रिया, अनुप्रयोग, लाभ एवं सीमाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस तकनीक के माध्यम से नियंत्रित तापमान के साथ नमूने के द्रव्यमान में होने वाले परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने धातु, धातु ऑक्साइड एवं कार्बनिक नमूनों के विश्लेषण में टी जी ए की उपयोगिता और इसकी कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न नमूनों एवं उपकरण के संचालन से संबंधित प्रश्न पूछे।
इसके पश्चात प्रतिभागियों ने डीएसटी-एफआईएसटी प्रायोजित रसायन विज्ञान विभाग, अयारपाटा का भ्रमण किया। यहां उन्हें इलेक्ट्रोचिकल वर्कस्टेशन एवं पावर प्रोब की कार्यप्रणाली तथा अनुसंधान में इनके उपयोग की जानकारी दी गई। इसके बाद प्रतिभागियों ने कैंसर रिसर्च लैबोरेटरी का भ्रमण किया, जहां उन्होंने स्पेक्ट्रोफोटोमीटर यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन ,पाल्मर एक्सट्रूडर एंड मोल्डिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली एवं उनके वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को समझा।
कार्यशाला के अंतिम चरण में वैलिडिक्टरी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक एरीज डॉ मनीष के नाजा नैनीताल मुख्य अतिथि और पांडिचेरी विश्वविद्यालय के डॉ पेरुमल एल्यूमलाई तथा कार्यकारी निदेशक डी एस बी प्रॉफ ललित तिवारी अतिथि के रूप में उपस्थित उपस्थित रहे। डॉ पेरुमल ने कहा कि देश मटेरियल सर्विस से आगे बढ़ सकता है और भविष्य में भी वे विश्वविद्यालय के शोध सहयोग करना चाहेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यशाला में सिखाई गई तकनीकें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध कहा । एरीज से निदेशक डॉ नाजा ने कहा कि वे भविष्य में एक्सआरडी से संबंधित शोध में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के साथ सहयोग कर अनुसंधान में अपना योगदान देना चाहेंगे। निदेशक कार्यकारी प्रॉफ ललित तिवारी ने कहा कि देश 2047 में मटेरियल साइंस के शोध से ही विकसित हो सकता है तथ्य चीन ,अमेरिका पर हमारी निर्भरता को कम करेगा ।
सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार कुणाल जोशी, नीलम शर्मा एवं मानवी बत्रा को प्रदान किया गया। वहीं सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार मनीषा जोशी को सिंथेसिस कैरेक्टराइजेशन ऑफ एप्लीकेशन ऑफ नैनो पार्टिकल्स ” विषय पर उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए दिया गया। सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ ,शॉल उड़ाकर तथा उत्तराखंड टोपी पढ़ना कर सम्मानित किया गया संचालन प्रॉफ महेंद्र राणा ने किया ।
समापन अवसर पर में डॉ. नंद गोपाल साहू, डॉ. गीता तिवारी, डॉ वीणा पांडे ,डॉ अर्चना नेगी साह ,डॉ. महेश चंद्र आर्या, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. संतोष उपाध्याय, डॉ. गिरीश चंद्र खरकवाल, डॉ. आंचल अनेजा, डॉ जोशी ,डॉ सतीश सती , डॉ हिमानी तिवारी , शोधार्थी प्रियंका तिवारी , लता नितवाल, शीतल कोरंगा, भावना पांडे, अभिषेक, अंचल, अंकिता कुयाल, श्रेया, पूजा गुप्ता, नितेश, विजेता एवं वंदना शर्मा सहित उपस्थित रहे।

























