पटवाडांगर में छठे बॉयोटेकनोलॉजी कॉन्कलेव एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ शुभारंभ

नैनीताल । सरोवर नगरी के समीपवर्ती पटवाडांगर में बीरवार को छठे बॉयोटेकनोलॉजी कॉनकलेव एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ।
बता दें तीन दिवसीय आयोजन में देश.विदेश के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, किसानों और उद्यमियों ने जैवप्रौद्योगिकी अनुसंधान, कृषि और उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के मुखय अतिथि गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके कश्यप ने कहा कि विज्ञान में नवाचार समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अनाज उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और जैवप्रौद्योगिकी का उपयोग आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय अतिथि रूस के स्टेट वेटनरी विश्वविद्यालयए सेंट पीटर्सबर्ग के वाइस रेटर डॉ. गेरासिमो सर्जी ने दोनों देशों के संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम निदेशक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि कॉनकलेव का उद्देश्य शोधार्थियों, वैज्ञानिकोंए किसानों और उद्यमियों को एक साझा मंच मुहैया कराना है। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय समेलन, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, वैज्ञानिक.किसान संगोष्ठी और प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। ऐरीज नैनीताल के निदेशक डॉ. मनीष नाजा ने उन्नत फसल एवं पशु प्रजातियों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने तथा जलवायु आधारित कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नवीन लोहनी ने कहा कि प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध का लाभ किसानों और समाज तक पहुंचना चाहिए। विशिष्ट अतिथि पूर्व कुलपति डॉ. केएमएल पाठक ने बद्री गाय को अपनाने की अपील की। पहले दिन चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कंचन कार्की, डॉ. मणिन्द्र मोहन और डॉण् सुमित पुरोहित ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।

























