सोची समझी विपक्षी चाल से
नैनीताल नागरिकों से सच क्यों छुपाया जा रहा विधायक: सरिता



नैनीताल भूमियाधार। विद्यालयों की समस्याओं को सामने लाना आवश्यक है, लेकिन पूरी तस्वीर और उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों को सामने रखना भी उतना ही जरूरी है। राजकीय प्राइमरी विद्यालय, भूमियाधार में शौचालय एवं कमरों की मरम्मत के लिए ₹2 लाख विधायक निधि से स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं राजकीय इंटर कॉलेज, भूमियाधार के लिए प्रधानाचार्य की मांग के आधार पर ₹1.50 लाख विधायक निधि से स्वीकृत किए गए। विद्यालय की मांग के अनुरूप विद्यार्थियों की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई की गई।
अर्थात विद्यालय द्वारा जो आवश्यकता लिखित रूप से सामने रखी गई, उसके आधार पर विधायक निधि से धनराशि स्वीकृत कर कार्य/सामग्री उपलब्ध कराने की कार्रवाई की गई।
यदि इन विद्यालयों में इसके अतिरिक्त भी कोई आवश्यकता या समस्या है—चाहे वह भवन, कमरे, शौचालय, फर्नीचर, पेयजल, खेल सामग्री या विद्यार्थियों से जुड़ी कोई अन्य आवश्यकता हो तो वह मेरे सामने लाई जाए। मैं उस पर भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और सहयोग के लिए पूरा प्रयास करूंगी, विधायक सरिता ने कहा भूमियाधार मेरा अपना गांव है और यहां की जनता मेरी अपनी है। मेरी प्राथमिकता राजनीति नहीं, जनसेवा है। लेकिन समस्या समय पर मेरे सामने आएगी, तभी उसका समाधान समय पर हो पाएगा। इसलिए किसी एक तस्वीर या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय मांग-पत्र, स्वीकृति, किए गए कार्य और वर्तमान आवश्यकता पूरी तस्वीर को सामने रखकर ही मूल्यांकन होना चाहिए। उन्होंने कहा क्षेत्र के लोगों की समस्या मेरी समस्या है। आप समय पर बताइए, समाधान के लिए मैं पूरी ताकत से प्रयास करूंगी।




















