ज्योलीकोट में दूषित जल से हो रही बीमारियों को लेकर लोगों का फूटा गुस्सा
जल संस्थान के खिलाफ धरना देकर की नारेबाजी

नैनीताल । जिले के भीमताल विकास खंड के ज्योलीकोट समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदूषित जल के सेवन से लोगों को टाइफाइड,पीलिया व डायरिया समेत अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के वाशिदों में जल संस्थान के प्रति खासा रोष है। गुस्साएं लोगों ने धरना देकर जल संस्थान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया।
बता दें ज्योलीकोट समेत कृष्णापुर और दुर्गापुर से लगे वीरभट्टी, गांजा, छिंडां मल्ला, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला आदि गांव के लोग दूषित पेयजल संबंधी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। बीती १३ अगस्त को निजी स्कूल के छात्रों के पीलिया संबंधी बीमारियों से ग्रसित मिलने के बाद स्कूल बंद होने और गांव के पानी संबंधी समस्याओं को सामने लाया गया था। इसके बाद से ही इसपर बड़े पैमाने पर चर्चाएं और सुधार कार्य होने लगे थे। जल संस्थान ने पानी की गुणवत्ता चैक की तो उसमें सीवेज का मिकस होना पाया गया। इसके बाद विभाग ने स्कूल में ट्रीटमेंट शुरू करवाया और साथ में सीवेज और पेयजल की लाइनों को चैक कर अलग अलग किया।ज्यूलिकोट के आसपास पिछले कुछ दिनों से क्षेत्रवासियों के लगातार बीमार होने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग ज्यूलिकोट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बता दें ज्यूलिकोट का रहने वाला ७ वर्षीय रुद्रा बरेली के श्रीराम मूर्ति अस्पताल में भर्ती है वहीं ज्यूलिकोट निवासी खिलावती के दो बच्चे असमित व वंशिका नैनीताल बीड़ी पाण्डे अस्पताल में भर्ती हैं वहीं २६ वर्षीय ज्यूलिकोट निवासी देव जोशी हल्द्वानी के उजाला सिग्निस में आईसीयू में एडमिट हैं। उसकी एसजीपीटी १३००० है।




















