September 30, 2026
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कुमाऊं विश्वविद्यालय के 3 साल बेमिसाल

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तीन वर्षों में कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ: कुलपति प्रोफेसर दीवान सिंह रावत

नैनीताल। सरोवर नगरी के प्रतिष्ठित कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत, एफएनए, एफएनए एससी, एफआरएससी, सीकेम (लंदन) ने मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए बोले पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशासनिक एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी। प्रो रावत ने कहा कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्रों के नियमितीकरण, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करते हुए विकास के नए चरण में प्रवेश किया है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए इस अवधि की प्रमुख उपलब्धियों में MERU के अंतर्गत ₹100 करोड़ का अनुदान तथा ANRF-PAIR के अंतर्गत भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के साथ ₹100 करोड़ की परियोजना शामिल है। उन्होंने बताया कि MERU के अंतर्गत देश के 26 राज्य विश्वविद्यालयों का चयन हुआ है। ANRF-PAIR परियोजना के माध्यम से कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं को देश के अग्रणी वैज्ञानिक संस्थानों के साथ कार्य करने के अवसर मिलेंगे।
प्रो रावत ने बताया कि विश्वविद्यालय को पटवाडांगर में 26.5 एकड़ भूमि भी प्राप्त हुई है, जहां भविष्य में MERU परिसर के विकास की योजना है। यह परिसर बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के विस्तार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में परीक्षा एवं शैक्षणिक व्यवस्था को नियमित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। लंबे समय से अनियमित चल रहे सेमेस्टरों को नियमित किया गया तथा परीक्षा एवं परिणाम व्यवस्था को समयबद्ध बनाया गया। मई-जून 2025 के परिणाम तीन सप्ताह के भीतर घोषित किए गए। परीक्षा संबंधी RTI मामलों में भी 67 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कुलपति प्रो रावत ने बताया कि इस अवधि में 12 शैक्षणिक भवन एवं प्रमुख सुविधाओं का विकास किया गया। इनमें फार्मेसी अकादमिक ब्लॉक एवं प्रयोगशाला, डीएसबी परिसर की IT Lab, ITEP विभाग, हर्मिटेज का कॉन्फ्रेंस हॉल, सांगांव में विधि संकाय, BHM सुविधाएं तथा केंद्रीय पुस्तकालय में श्री कालू महार स्मृति वाचनालय प्रमुख हैं।
अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय द्वारा शुरू की गई इंटरनल रिसर्च फंडिंग तथा पेटेंट फाइलिंग के लिए वित्तीय सहायता का भी कुलपति ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध एवं नवाचार की संस्कृति को मजबूत करने के लिए संस्थागत स्तर पर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्यार्थी-केंद्रित पहलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि टेलेंट हंट प्रोग्राम , विद्या सेतु प्रोग्राम , लाइब्रेरी चैंपियन अवार्ड , पीएचडी फेलोशिप तथा लेबोरेटरी एवं ऑफिस इंटर्नशिप जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। UG एवं PG विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप तथा शोधार्थियों के लिए फैलोशिप की व्यवस्था की गई है। अनाथ विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क शिक्षा और एसएसबी प्रशिक्षण जैसी पहल भी शुरू की गई हैं।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने पिछले तीन वर्षों में 26 संस्थानों के साथ MoU किए हैं। जाइस्ट , जापान तथा केस्ट , दक्षिणी कोरिया के साथ सहयोग के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र और एक्सचेंज प्रोग्राम के अवसर विकसित किए गए हैं। JAIST के सहयोग से दो विद्यार्थियों को निःशुल्क इंटर्नशिप का अवसर भी मिला है।
वित्तीय प्रबंधन में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि परीक्षा संबंधी गोपनीय मुद्रण में ओपेन टेण्डर सिस्टम लागू किए जाने से विश्वविद्यालय को ₹5 करोड़ से अधिक की बचत हुई। मानव संसाधन के क्षेत्र में 38 CAS मामलों का निस्तारण तथा सात नई नियुक्तियां की गईं।
पर्यावरणीय पहलों के तहत विश्वविद्यालय परिसर में 788 KW क्षमता के सोलर पैनल्स स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 42 आवासीय इकाइयों का नवीनीकरण तथा छात्रावासों में सुविधाओं के विस्तार का कार्य भी किया गया है।
कुलपति ने कहा कि पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियां पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उच्च स्तरीय अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और विद्यार्थियों के समग्र विकास के माध्यम से कुमाऊँ विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में स्थापित करना है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर कुलपति के साथ संवाद किया। कुलपति ने आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पाटवाडांगर में मेरू परिसर का विकास, बहुविषयक शिक्षा एवं अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नई नियुक्तियां तथा आधुनिक आधारभूत संरचना का विस्तार विश्वविद्यालय की आगामी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। इस मौके पर डीन विद्यालय परिसर के कर्मचारी मौजूद थे।

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