October 6, 2026
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संगीत विभाग में “भारतीय शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम श्रृंखला” के

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चतुर्थ अध्याय का सफल आयोजन हुआ

सुविख्यात कलाकार ए ग्रेड आर्टिस्ट

स्मित तिवारी ने अपना सरोद वादन प्रस्तुत किया

नैनीतालl सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में “भारतीय शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम श्रृंखला” के चतुर्थ अध्याय का सफल आयोजन विभागाध्यक्ष डॉक्टर गगनदीप होठी ए ग्रेड आर्टिस्ट द्वारा “के०यू० आई०एफ़०आर०” प्रोजेक्ट के तहत किया गया।
कार्यक्रम में हल्द्वानी के सुविख्यात कलाकार ए ग्रेड आर्टिस्ट स्मित तिवारी ने अपना सरोद वादन प्रस्तुत किया। वर्ष 2015 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा “उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान युवा पुरस्कार” से सम्मानित एवं आकाशवाणी और दूरदर्शन के ए ग्रेड के कलाकार स्मित तिवारी ने सर्वप्रथम सुबह का राग जौनपुरी प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् राग हेमंत में दो रचनाएं प्रस्तुत कीं। अपने वादन का समापन राग सिंधु भैरवी से किया। स्मित तिवारी ने अपने कुशल सरोदवादन से सभागार में उपस्थित समस्त श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आपके वादन में गायकी एवं मैहर घराने की विशेषताओं का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिला। तबले पर कुशल संगत, हल्द्वानी के ही उभरते तबलावादक और डी०एस०बी० परिसर के संगीत विभाग के ही भूतपूर्व छात्र, लोकेश जोशी ने की।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष तथा निदेशक विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय प्रोफ़ेसर ललित तिवारी ने शिरकत की। इस अवसर पर प्रॉफ तिवारी नए कहा कि संगीत सामवेद में उल्लिखित हैं तथा शिव एवं सरस्वती का वरदान है । संगीत मस्तिष्क को तंदुरुस्त रखता है तथा
जीवन का अहम हिस्सा है ।प्रो तिवारी ने कहा कि संगीत का पर्यावरण एवं पौधों से भी विशेष संबंध है । डी०एस०बी० परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने भी अत्याधिक संख्या में प्रतिभाग कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी। इस दौरान संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर गगनदीप होठी ने बताया कि भारतीय शास्त्रीय संगीत कि इस कार्यक्रम श्रंखला को आयोजित करने का मूल उद्देश्य विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के छात्र-छात्राओं को शास्त्रीय संगीत परंपरा से परिचित करवाना एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। कलाकारों एवं मुख्य अतिथि का सम्मान, बी०एफ़०ए० पाठ्यक्रम की छात्रा ख़ुशी उप्रेती द्वारा बनाए गए दोनों कलाकारों एवं मुख्य अतिथि के स्केच पोट्रेट को भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का समापन मुख्य परिसर की निदेशक प्रो नीता बोरा शर्मा के आशीर्वचनों से हुआ। सभागार में अत्याधिक संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं के साथ-साथ संकायाध्यक्ष कला संकाय प्रोफेसर पदम सिंह बिष्ट, डी० एस० डब्ल्यू० प्रोफ़ेसर संजय पंत, चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हरीश सिंह बिष्ट, प्रोफ़ेसर ज्योति जोशी, प्रोफ़ेसर संजय घिल्डियाल, प्रोफ़ेसर शिरीष मौर्य, प्रोफ़ेसर सुषमा टम्टा, प्रोफेसर अनिल बिष्ट, श्री दिनेश डंडरियाल, श्री योगेश वर्मा, श्रीमती गीता वर्मा, डॉक्टर लज्जा भट्ट, डॉक्टर कपिल खुलबे, डॉक्टर अशोक कुमार, डॉक्टर दीपक कुमार, मनोज कांडपाल ,राजेश पांडे , डॉक्टर निधि वर्मा, श्री गिरीश चंद्रा, श्रीमती बबिता लोहनी, डॉक्टर लक्ष्मी धस्माना , विशाल बिष्ट ,आनंद कुमार ,वसुंधरा ,कुंजिका यशस्वी चंद्रा ,शिवांगी ,पूजा ,फिजा ,अदिति इत्यादि सहित दर्जनों विद्यार्थी उपस्थिति रहे।

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