सेंट जोन्स स्कूल में विद्यार्थी जीवन में सहजयोग ध्यान पद्धति का विशेष योगदान व लाभ विषय पर हुआ कार्यक्रम आयोजित

नैनीताल। सेंट जोन्स स्कूल में विद्यार्थी जीवन में सहजयोग ध्यान पद्धति का विशेष योगदान व लाभ विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कर्नल वीरेन्द्र तिवारी ने विद्यार्थियों को सहजयोग ध्यान के महत्व और उसके व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नियमित ध्यान से सकारात्मक सोच विकसित होती है, अध्ययन में एकाग्रता बढ़ती है तथा मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। सहजयोग ध्यान के माध्यम से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से संतुलित जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान कोई करने की क्रिया नहीं, बल्कि एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति स्वतः पहुंच जाता है।
कर्नल तिवारी ने बताया कि जब व्यक्ति भूतकाल या भविष्य की चिंताओं में उलझ जाता है तो तनाव उत्पन्न होता है, जिससे असंतुलन पैदा होता है। सहजयोग ध्यान से व्यक्ति निर्विचार अवस्था प्राप्त कर वर्तमान में जीना सीखता है।
इस अवसर पर निर्मला देवी द्वारा 5 मई 1970 को गुजरात के नारगोल से सहजयोग की शुरुआत का उल्लेख करते हुए बताया गया कि आज यह पद्धति 150 से अधिक देशों में लाखों लोगों द्वारा अपनाई जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित 129 विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को कुंडलिनी जागरण एवं आत्मसाक्षात्कार का अनुभव कराया गया।
इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य विनीता रावत, उपप्रधानाचार्य पूनम बिष्ट, ज्योति त्रिपाठी, अनीता बोरा, किरण मेर, चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र मिश्रा, राज्य नारी सशक्तिकरण समन्वयक तृप्ति तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




















