लोअर मॉलरोड में ट्रीटमेंट की रफ्तार हुई तेज अब ओडीईएकस तकनीक से शुरू हुआ काम

नैनीताल । सरोवर नगरी के लोअर माल रोड पर माइक्रो पाइल ड्रिलिंग में आई तकनीकी अड़चन के बाद अब स्थायी ट्रीटमेंट कार्य को ओडीईएकस तकनीक से आगे बढ़ाया जा रहा है। संशोधित डिजाइन के तहत काम तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि वर्ष २०१८ में लोअर मॉलरोड का करीब २५ मीटर हिस्सा नैनी झील में समा गया था। इसके ट्रीटमेंट के लिए टीएचडीसी के विशेषज्ञों ने डीपीआर के तहत ३.४८ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। आठ निविदाओं के बाद कार्य स्टारकॉन इन्फ ्रा प्रोजेकट इंडिया प्रालि दिल्ली को दिया गया और २०२५ में कार्य शुरू हुआ था। काम में ड्रिलिंग के दौरान ३५० मिमी व्यास के ड्रिल होल बार-बार ढहने की समस्या सामने आई थी। जांच में पाया गया कि नीचे की परत ढीली और असंगठित होने के कारण यह दिक्कत आ रही थी।
इसके बाद परीक्षण के तौर पर ३०० मिमी व्यास के ड्रिल होल किए गएए जो सफल रहे। मामले में लोनिवि के सहायक अभियंता तुला राम टमटा ने बताया कि अब ३५० मिमी माइक्रो पाइल के लिए ओडीईएकस तकनीक अपनाई जा रही है जिसमें ड्रिलिंग और केसिंग एक साथ की जाती है जिससे ढहने की समस्या नहीं आती साथ ही ३०० मिमी माइक्रो.पाइल के विकल्प को भी डिजाइन में शामिल किया गया है। विभाग ने कार्यदायी संस्था को संशोधित डिजाइन के अनुसार तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब ओडीईएकस तकनीक के इस्तेमाल से कार्य में आ रही बाधाएं दूर होंगी और लोअर मॉलरोड के स्थायी ट्रीटमेंट का काम जल्द पूरा किया जा सकेगा।




















