बिजनेस समिट में उद्यमिता, स्टार्टअप और बूटकैंप से
जुड़े विविध विषयों पर विशेष सत्रों का हुआ आयोजन
आज के युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है
बल्कि नवाचार और उद्यमिता की सोच भी अत्यंत आवश्यक प्रधानाचार्य: सूर्य प्रकाश

नैनीताल। सरोवर नगरी एमआईईटी कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बिजनेस समिट में उद्यमिता, स्टार्टअप और बूटकैंप से जुड़े विविध विषयों पर विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित समिट में कॉलेज छात्रों, शोधकर्ताओं तथा स्कूल स्तर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने-अपने नवाचारपूर्ण बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए।
समिट के अंतर्गत आयोजित बूटकैंप एवं स्कूल आइडिया पिचिंग सत्र में विभिन्न विद्यालयों के प्रतिभागियों द्वारा कुल 24 अभिनव बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए गए। इनमें पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार, नैनीताल के छात्र शिवा, अनय अग्रवाल एवं प्रत्युष बिष्ट ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति और सशक्त विचारों के बल पर निर्णायकों को प्रभावित करते हुए आइडिया पिचिंग सेगमेंट में ₹2500 की नकद पुरस्कार राशि प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
यह उपलब्धि छात्रों की रचनात्मक सोच, नवाचार की क्षमता तथा उद्यमिता के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। इस सफलता ने न केवल विद्यालय के लिए गौरव का क्षण प्रस्तुत किया, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी नए विचारों और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सूर्य प्रकाश ने विजेता छात्रों को बधाई देते हुए कहा,
“आज के युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की सोच भी अत्यंत आवश्यक है। हमारे विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और सृजनात्मकता के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए हैं, वह सराहनीय है। ऐसे मंच छात्रों को अपने कौशल को पहचानने और उसे विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेंगे।”
समस्त शिक्षकगण एवं विद्यालय प्रबंधन ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता एवं व्यावसायिक कौशल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और समाज के विकास में सार्थक योगदान दे सकें।




















