जिला जज जोशी की मध्यस्थता से सुलझा अधिवक्ताओं का विवाद
आंदोलन और बहिष्कार हुआ समाप्त
न्यायिक कार्य पटरी पर लौटेगा बुधवार से



नैनीताल। सरोवर नगरी में पिछले हफ्ते से चल रहे विवाद का आज जिला जज की मध्यस्थता थे समाप्त हो गया बता दें जिला न्यायालय में चल रहा अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार मंगलवार को जिला जज प्रशांत जोशी की मध्यस्थता के बाद समाप्त हो गया अधिवक्ताओं ने प्रथम अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश/एनडीपीएस) की अदालत के बहिष्कार को खत्म करने की घोषणा करते हुए बुधवार से नियमित कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है मंगलवार को जिला जज प्रशांत जोशी स्वयं बार सभागार पहुंचे और अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट ने न्यायालयों में अधिवक्ताओं के साथ हो रही दिक्कतों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया वहीं सचिव संजय सुयाल ने न्यायिक अधिकारी द्वारा समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए जाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया जिला जज ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सामंजस्य के जरिए किया जाएगा उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं और बार व बेंच एक परिवार की तरह हैं जिनके बीच किसी भी विवाद का हल बातचीत से ही संभव है साथ ही नोटिस प्रकरण के समाधान का भी भरोसा दिलाया गया गौरतलब है कि अधिवक्ताओं ने प्रथम अपर जिला जज पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनकी अदालत का बहिष्कार शुरू कर दिया था जो मंगलवार तक जारी रहा हालांकि सकारात्मक वार्ता के बाद विवाद सुलझ गया और अधिवक्ताओं ने बुधवार से न्यायालय का कार्य पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित करने की घोषणा की है। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एम बी सिंह, पूर्व अध्यक्ष मनीष मोहन जोशी, ओंकार गोस्वामी, नीरज साह, अशोक मौलखी, दीपक रुवाली, डी जी सी सुशील कुमार शर्मा, कार्यकारणी सदस्य निर्मल कुमार नीरज, मोहम्मद बिलाल, प्रेमा आर्या, तारा आर्या, गिरीश खोलिया, पुलक अग्रवाल, दीपक दानू, सुभाष जोशी, तरुण चंद्रा, मनीष कांडपाल, सोहन तिवारी, मुकेश कुमार, राजेंद्र भैसोड़ा, प्रदीप परगाई, शिवांशु जोशी, पूजा साह, कामिनी गंगवार, सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहें।




















