चिया के तत्वाधान में तृतीय पुश्किन फर्त्याल मैमोरियल स्मृति पर आयोजित हुआ व्याख्यान


नैनीताल। चिया द्वारा तृतीय पुश्किन फर्त्याल स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया. स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता श्री कुन्दन कुमार, आई.एफ.एस., निदेशक नन्धौर वन्यजीव अभ्यारण द्वारा “बैलेन्सिंग कन्जरवेशन एण्ड कॉन्फिल्क्टः द इन्वोल्विंग रोल ऑफ फॉरेस्ट एडमिनिस्ट्रेिशन इन उत्तराखण्ड” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया. उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण, मानव वन जीव संघर्ष इत्यादि विषय पर अपने विचार रखे. उनके द्वारा नान्धोर वन जीव अभ्यारण की विशेषताओं वहां चल रहे कार्यों पर भी सम्पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि किस तरह से वन विभाग नवीन तकनीकों जैसे कि आर्टिफिसियल इन्टैलीजैन्स का उपयोग करते हुए मानव वन जीव संघर्ष को रोका जा रहा है. उन्होंने अपने वक्तव्य में समुदायों की पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी पर जोर दिया. इससे पहले चिया के अवैतनिक सचिव, प्रो० आशीष तिवारी, द्वारा चिया के कार्यों एवं उद्देश्यों तथा स्वर्गीय डा. पुश्किन फर्त्याल के जीवन के विभिन्न पहलुओं, अध्ययन, संघर्षों एवं चिया सहित हिमालयी क्षेत्र में उनके योगदान पर प्रकाश डाला. साथ ही बताया कि स्वर्गीय डा. पुश्किन ने 15 वर्षों से अधिक समय तक हिमालय के सत्त विकास को बढ़ावा देने के चिया के प्रयासों का नेतृत्व किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता चिया के अवैतनिक अध्यक्ष डा. ध्यानी द्वारा की गयी उन्होंने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तृतीय स्मृति व्याख्यान के विषय में जानकारी दी एवं बताया कि स्मृति व्याख्यान का विषय हमको वन विभाग की कार्यप्रणाली वन एवं समुदायों के मध्य संतुलन बनाए रखने में वन विभाग की भूमिका इत्यादि विषय से परिचित कराता है, चिया के अधि. निदेशक श्री कुन्दन बिष्ट द्वारा कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद प्रेषित किया गया. प्रो. ललित तिवारी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया. उक्त व्याख्यान में चिया की उपसचिव डा. श्रुति साह, डा. विनीता फर्तयाल, डा. महिका फर्तयाल, डा. जी.सी.एस. नेगी, दीपा उपाध्याय, विनीता वर्मा, नीमा रौतेला, राम सिंह बिष्ट एवं अनिल सिंह आदि सदस्य उपस्थित रहे।




















