डीएम की कयूआरटी अलर्ट:६० गैस एजेंसियों,७८ प्रतिष्ठानों व ७३ वाहनों का निरीक्षण
एलपीजी गैस कालाबाजारी पर अभी तक ४ मुकदमे हुए दर्ज

नैनीताल । नैनीताल जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशों के क्रम में जिला प्रशासन की कयूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) द्वारा निरंतर सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
बता दें जनपद में स्थापित गैस एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार ३१ मार्च को जनपद में ८३९१ घरेलू एवं ४८७ व्यवसायिक सिलेण्डर प्राप्त हुए और७६४८ उपभोक्ताओं को घरेलू तथा ५८७ उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर का ६७२९ तथा व्यवसायिक का १९८० का स्टॉक जनपद में उपलबध है। जिलाधिकारी के सखत निर्देशों के तहत अब तक जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी से संबंधित ४ मुकदमे दर्ज तथा १२ घरेलू व २८ व्यवसायिक तथा २२ छोटे सिलेंडर जबत तथा १ पिकअप वाहन जबत किये गये हैं। डीएम रयाल ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित टोल फ्री न0ंबर १०७७ तथा फ ोन न0ंबर ०५९४२-२३११७९ तथा ०५९४२-२३११७८ और व्हाट्सएप नंबर-८२७२०८०८८४ तथा जिला पूर्ति अधिकारी नैनीताल एवं अपर जिलाधिकारी प्रशासन को मोबाईल के माध्यम से कुल ५३ शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति न होने के संबंध में उपभोक्ताओं द्वारा अवगत कराया गया है। जिसे संबन्धित गैस एजेंसियों के प्रबन्धक को अवगत कराते हूए उनके व्हाट्सएप नंबर में प्रेषित करते हुए समस्या का समाधान किया गया।
दूसरी ओर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार राज्य एवं कुमायूॅ मण्डल स्तर के आईओसीएल तथा बीपीसीएल तथा एचपीसीएल तेल कंपनियों के अधिकारियों एवं महाप्रबन्धक, कुमायूॅ मण्डल विकास निगम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए गैस सिलेंडर की उपल्बधता एवं अन्य किसी प्रकार की समस्या के दृष्टिगत तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस की कालाबाजारी एवं घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करते हुए गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी गैस की कालाबाजारी अथवा अनियमितता की सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल जिला प्रशासन को अवगत कराएंए ताकि दोषियों के विरुद्ध सखत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।




















