सर्वार्थ सिद्धि योग एवं हस्त नक्षत्र का
अद्भुत संगम बन रहा है हनुमान जन्मोत्सव पर : आचार्य पंडित प्रकाश चंद्र जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी के समीपवर्ती गेठिया गांव निवासी आचार्य पंडित प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि अबकी बार 2 अप्रैल यानी बीरवार को हनुमान जन्मोत्सव हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया जाएगा। कहा कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, ध्रुव योग एवं हस्त नक्षत्र का अद्भुत संगम बन रहा है।
पंडित जोशी के मुताबिक यदि पूर्णिमा तिथि की बात करें तो पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल (बुधवार) को प्रात: 7.06 बजे से प्रारंभ होगी और 2 अप्रैल (बीरवार) को प्रात: 7.42 बजे तक रहेगी कयोंकि हनुमान जी का जन्म सूर्योदय के समय हुआ था इसलिए उदया तिथि के आधार पर 2अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन हस्त नक्षत्र शाम 5.39 बजे तक रहेगा, ध्रुव योग दोपहर 2.19 बजे तक रहेगा। यदि सर्वार्थ सिद्धि योग की बात करें तो यह योग प्रात: 6.04 बजे तक रहेगा।
कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यदि इस दिन के चंद्रमा की स्थिति को जानें तो इस दिन चंद्र देव पूर्ण रूप से कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। हनुमान जी का जन्म त्रेतायुग में चैत्र मास के शुकल पक्ष की पूर्णिमा को मंगलवार के दिन हुआ था। कुछ विद्वानों का मानना है कि हनुमान जी का जन्म भारत के कर्नाटक राज्य में अंजनिया की पहाड़ी में स्थित किष्किंधा में हुआ था। वहीं कुछ विद्वानों का मानना है की आंध्र प्रदेश के अंजनिया की पहाड़ी में स्थित तिरुमाला की सात पहाडिय़ों में से एक है। बाल्मीकि रामायण के आधार पर यह भी दावा किया जाता है कि हनुमान जी की वास्तविक जन्मस्थली कर्नाटक में स्थित गोकर्णा है। इसके अतिरिक्त देवभूमि उत्तराखंड में स्थित गौतम कुंड को हनुमान जी की जन्मस्थली माना जाता है। इस दिन हनुमंत कवच का पाठए हनुमान चालीसा के पाठ के अतिरिक्त सुंदरकांड का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। जोशी ने सभी से गुजारिश की है कि वह
इस पर्व को हनुमान जयंती ना बोलकर हनुमान जन्मोत्सव कहें कयोंकि जयंती उसकी मनाई जाती है जो इस संसार में नहीं है।हनुमान जी अष्ट चिरंजीवियों में हैं वह अभी भी हमारे बीच मौजूद हैं।




















