October 2, 2026
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रात्रि 11:00 बजे सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने के पुलिस के आदेश पर

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व्यापार मंडल मल्लीताल ने कोतवाली का किया घेराव दी चेतावनी

आदेश वापस लो नहीं तो अनिश्चितकालीन बाजार व्यापारी करेंगे बंद

नैनीताल। सरोवर नगरी में रात्रि 11:00 बजे सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने के पुलिस के आदेश पर सोमवार को मल्लीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण नेगी के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जाहिर किया बता दें पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस रात 11 बजे जबरन व्यापारियों को दुकानें बंद करने पर मजबूर कर रही है जबकी नैनीताल पर्यटन नगरी है और पर्यटक देर रात्रि तक चालकर्मी करते हैं। पर्यटक भी परेशान हो रहे हैं और व्यापारियों का व्यवसाय भी घट रहा है जिसके चलते व्यापारियों को घाटा हो रहा है। जबकि सरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटक स्थलों को 24 घंटे खुलने का आदेश पहले ही कर चुकी है इसके बावजूद पुलिस अपनी मनमानी कर रही है। जिसे व्यापारिक कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे उन्होंने तत्काल एसएसपी से नैनीताल के आदेश को वापस लेने की अपील की है अगर उन्होंने के द्वारा आदेश वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी अनिश्चितकालीन अपने प्रतिष्ठान बनकर विरोध प्रदर्शन करेंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
[09/03, 22:11] ajmalhussain siddiqui: गुस्साए वर्कचार्ज कर्मचारियों ने किया लोनिवि अधीक्षण अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन

ई ई को किया नजरबंद कहां जब तक ऑर्डर नहीं तो घर नहीं

नैनीताल। सरोवर नगरी में शासन के आदेश के तहत २०२३ से पूर्व सेवानिवृत नियमित वर्कचार्ज कर्मचारियों की पेंशन पर रोक लगाने से कर्मचारियों में रोष है। इसके विरोध में सोमवार को लोनिवि के वर्कचार्ज कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान गुस्साएं कर्मचारियों ने ट्रेजरी को तत्काल भुगतान के लिए बिल भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोनिवि और सिंचाई विभाग में कार्यरत कई नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी व सेवानिवृत कर्मी शासन की ओर से पूर्व में जारी नई पेंशन नियमावली के चलते पेंशन की परिधि से बाहर हो गए हैं। नई पेंशन स्कीम से हजारों कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारी संघ के प्रदेश मुखय संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने बताया कि शासन की ओर से १६ जनवरी २०२६ को जारी शासनादेश में १ अक्तूबर २००५ के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कर्मचारियों को केवल १० वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन के दायरे में रखा है जबकि कई कर्मचारी ३० से ४० वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत हुए हैं। आरोप है कि सरकार को यदि पेंशन व्यवस्था में बदलाव करना ही था तो वर्ष २०१८ में ही कैबिनेट की मंजूरी लेकर शासनादेश जारी करना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि ८ मई २०२३ को उत्तराखंड सरकार ने कैबिनेट में कर्मचारियों को पेंशन से वंचित करने से संबंधित अध्यादेश पारित किया था जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी रुद्रपुर में व हल्द्वानी मेंं निर्माण खंड व प्रांतीय खंड और सिंचाई विभाग में भुगतान कर दिया गया है। नैनीताल में वर्कचार्ज के बिल भुगतान के लिए ट्रेजरी नहीं भेजे गए तो अधिकारियों को घर नहीं जाने दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान गिरीश जोशी समेत दीवान सिंह बिष्ट, धन सिंह लटवाल, बसंत सुनान, मोहन सिंह भंडारी, रामलाल, पूरन सिंह जीना, मोहिनी तथा किशन सिंह आदि रहे।
मामले में लोनिवि निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता हीरा सिंह बिष्ट ने बताया कि जिन वर्कचार्ज कर्मचारियों के २० वर्ष पूर्ण हो गए हैं उनकी पेंशन आज जारी कर दी जाएगी जिनके २० वर्ष पूर्ण नहीं हुए हैं उनकी पेंशन रोक दी जाएगी।

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