March 2, 2026
yyyy ppp IMG-20260114-WA0002 pp lll mkl 444 555
666 777 888

आज रात, 3 मार्च को चंद्रमा भी खेलेगा लाल रंग से होली:डॉ वीरेंद्र यादव, एरीज, नैनीताल

0
1003198771
012 013
111 222 333

नैनीताल। सरोवर नगरी आज रात 3 मार्च को संयोगवश होली के अवसर पर पूर्ण चंद्र ग्रहण होनेवाला है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय सूर्य का कुछ प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से होते हुए चंद्रमा पर पड़ता है। हमारा वायुमंडल सूर्यप्रकाश के रंगों में से बैंगनी और नीले रंगों को ज्यादा बिखेरता है और लाल और नारंगी रंगों को कम बिखेरता है। अतः सूर्यप्रकाश का लाल रंग लगभग सीधे चंद्रमा पर पड़ता है, जिससे चंद्रमा गहरे लाल रंग का प्रतीत होता है। आज के चंद्र ग्रहण में भी ऐसा होगा तो सही, परंतु भारत के अधिकांश हिस्सों से ये लाल नहीं दिखेगा। ऐसा क्यों?

चंद्र ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी होती है, जिससे पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस छाया के 2 प्रकार होते हैं – गहरी छाया यानी प्रच्छाया और हल्की छाया यानी उपच्छाया। जब पृथ्वी की प्रच्छाया चंद्रमा को पूरी तरह से ढँकती है तभी पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) दिखाई देता है, अन्यथा आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होता है। आंशिक चंद्र ग्रहण के समय पूर्णिमा होते हुए भी चंद्रमा अधूरा प्रतीत होता है। हालांकि आज के ग्रहण का पूर्ण चरण पूर्वी एशिया के देशों से ही दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुवात भारतीय समयानुसार दोपहर 2:14 बजे से तथा पूर्णता की शुरुवात शाम 4:34 बजे से होनेवाली है जब चंद्रमा पूर्वी क्षितिज से बहुत नीचे होगा। इसके कारण भारत में केवल पूर्वोत्तर के पूर्वी हिस्सों से चंद्रोदय के बाद पूर्ण ग्रहण का अंत होता हुआ दिखाई देगा। उत्तराखंड सहित भारत के शेष हिस्सों में पूर्णता समाप्त होने के बाद चंद्रोदय होगा जिससे हमें केवल आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के मनोरा पीक परिसर, नैनीताल से चंद्र ग्रहण की जानकारी का एरीज के यूट्यूब चैनल पर शाम 5:30 बजे से सीधा प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) किया जाएगा। आम जनता के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर ग्रहण देखने की व्यवस्था शाम 6:00 बजे से की गई है। आप अपने घर से भी इसे देख सकते हैं। अपने परिवार और दोस्तों को भी देखने के लिए आमंत्रित करें। चंद्र ग्रहण को खुली आंखों से या दूरबीन से देखना बिल्कुल सुरक्षित है। ऐसी दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय घटनाएँ हमारी जिज्ञासा के लिए शानदार अवसर हैं। ग्रहण न देखना, इसके दौरान बाहर न जाना, खाना न बनाना या न खाना केवल मिथक या अंधविश्वास हैं।

999 010 011 zzz

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *