लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग में कार्यरत और सेवानिवृत कर्मचारियों ने खबरें जो दिल तक पहुंचे nainital khbree
शासन आदेश की जलाई होली मुख्यमंत्री धामी को कोसा
लिंक मैं क्लिक कर देखें प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने क्या दी चेतावनी




नैनीताल। सरोवर नगरी में सोमवार को लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग में कार्यरत नियमित वर्क चार कर्मियों एवं सेवानिवृत कर्मी ने 16 जनवरी 2026 को जारी शासन आदेश के विरोध में रैली निकालकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विरोध में नारे लगाते हुए शासनादेश की होली जलाई। इस दौरान संगठन के प्रदेश संयोजक गिरीश चंद्र जोशी ने सरकार को वाले हाथों लेते हुए कहा 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्क चार कर्मियों की 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन की परिधि में रखा गया सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय ने सरकार को सभी मानक के तहत सभी भत्ते देने के निर्देश दिए थे जिसके बाद लागू कर दिया गया था और जो वर्क चार्ज कर्मचारियों को पेंशन सरकार द्वारा दी जा रही है वह सरकार के कृपा से नहीं है बल्कि सर्वोच्च न्यायालय में हमारे द्वारा लड़ाई लड़ने के बाद सरकार द्वारा कर्मचारियों का हक दिलाने के निर्देश सरकार को दिए थे। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर्मियों का हक चीन छिनने का जो प्रयास किया जा रहा है उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान संगठन के जिला सचिव को धन सिंह नेगी ने कहा सरकार द्वारा जो शासन आदेश जारी किया गया है उसे लगभग 3000 कर्मियों का भविष्य अधर में अटक गया है। इस शासन आदेश आने के बाद लोक निर्माण विभाग के नियमित /वर्कचार्ज कर्मचारी उत्तराख्ण्ड सरकार के आदेशों के बाद पेशन के दायरे से बाहर हो गये है। जो कर्मचारी 1980 से लेकर 2025 तक कार्यरत थे जो सेवानिवृत्त हो चुके है तथा उनके मृतक आश्रितों को सरकार द्वारा आज तक नियमित नहीं किया गया है जो कि आर्थिक संकट गुजर रहे हैं। आज अलग-अलग शहरों से आए कर्मचारियों ने गांधी चौक पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें ललकारा है कहां कर्मचारियों के खिलाफ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। और प्रदेश के सभी वर्गों के कार्यरत कर्मचारियों से सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला लेते हुए कर्मचारी विरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का ऐलान किया और कहा पूरे प्रदेश के कर्मचारी संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन की रूपरेखा बनाकर आंदोलन किया जाएगा कहा जो कर्मचारियों 2023 से आज तक सेवानिवृत्त हो चुके है। उन कर्मचारियों को सरकार व विभाग द्वारा आज तक पेंशन तथा अन्य देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। जिस कारण कर्मचारी व उनके परिवार भूखमरी के तगार पर है तथा आत्महत्या करने को बाध्य है। यदि सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी ये काला शासनादेश वापस नहीं लिया जाता है तो कर्मचारी व उनके परिवार आत्महत्या को बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की होगी। इस मौके पर हरीश सिंह, गोधन सिंह, कुन्दन सिह अनेरिया, हैमा देवी, किशन सिंह, पूरन सिंह अनेरिया, विद्या सागर, हेमा देवी, पूरन सिंह, गोपाल सिंह, कमला देवी, केलाश चंद खोलिया, आनंद सिंह, प्रकाश चंद्र, राजन राम गणेश चंद्र, टीका सिंह, कृपाल सिंह, ठाकुर सिंह, सुरेंश बहादुर, देव राम, रामलाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।





















