नगर से 17 किमी दूर नगर विकास के 22 प्रस्तावों पर पालिका बोर्ड की मोहर
जनता का सवाल, शहर से दूर बोर्ड बैठक का क्या है उद्देश्य?





नैनाताल। सरोवर नगरी नैनीताल की नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा की ओर से पालिका परिवार में चल रहे 17 दिन पुराने विवाद को पंगूट में जाकर खत्म करने का प्रयास कितना सफल रहा यह तो भविष्य की पालिका का कार्यालयी वातावरण, कार्यप्रणाली एवं विकास कार्य तय करेंगे। लेकिन पालिका प्रशासन इसकी सफलता के दावे कर रहा है। मुख्य रुप से बैठक में नगर हित में कई प्रस्ताव पारित किए। पंगूट के एक रिसॉर्ट के छोटे से हाल में हुई बोर्ड बैठक की न तो विधिवत शुरुआत हुई और न हीं समापन। बैठक में नई चीज देखने को मिली अधिकतर सभासदों ने पालिका अध्यक्ष डॉक्टर सरस्वती खेतवाल का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। सूत्रों के मुताबिक दिन का भोज पालिका अध्यक्ष और सभासदों ने एक साथ नहीं किया। डॉक्टर खेतवाल ने कहा कि नाश्ता ही इतना हो गया था, भोजन की जगह नहीं थी। बता दे कि लगभग 17 दिन पूर्व जब अध्यक्ष डॉक्टर खेतवाल द्वारा पालिका संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर पुलिस बुला ली गई थी। जिसको लेकर सभासदो में गुस्सा और रोष था। अगले दिन पालिका छोड़कर अध्यक्ष और सभासदों ने होटल में प्रेस वार्ता की थी। तब से इस बैठक तक इनके बीच कोई वार्ता नहीं हुई। सीधे अध्यक्ष सभासदो की मुलाकात इस बोर्ड बैठक में हुई और एक बात उस प्रकरण को अभी जनता भूल भी नहीं पाए थे। और बोर्ड बैठक पंगूट में होने पर शहर में चर्चा का विषय रहा जगह-जगह लोग खड़े होकर बोर्ड बैठक को लेकर चर्चा कर रहे थे। लेकिन नियम अनुसार पालिका जिले में कहीं भी बैठक कर सकती है यह विषय नहीं है कि बोर्ड बैठक पंगूट में क्यों हुई विषय यह है वहां बैठक करके क्या संदेश देना चाहते थे। सरिता आर्या अध्यक्ष थी उनके द्वारा एक सभासद डी एन भट्ट के आवास में बैठक की थी। बता दे वैसे तो इस बोर्ड बैठक को लेकर विधायक सरिता आर्या सहित पूर्व पालिका अध्यक्षों द्वारा सवाल उठा रहे हैं। बता दें पालीका बोर्ड बने हुए लगभग एक साल हो जाएगा लेकिन इन सालों में पालिका हमेशा विवादों में रही है। फिलहाल इस बोर्ड बैठक में सभी 22 प्रस्तावों पर मोहर लगी अनुशेष 23 मामले आगे निस्तारण को लेकर रोक दिए गए।
अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया बैठक बहुत अच्छे से संपन्न हुई और सभी 15 वार्डों के सभासदों को 5 लख रुपए विकास के लिए पालिका द्वारा और तीन-तीन लाख रुपए विधायक कोटे से लेकर विकास कराए जाएंगे। उनके द्वारा एक बात और बताई गई यह बोर्ड बैठक सभी सभासदों की मांग पर उनके खर्चे पर की गई है और सभी खाने-पीने से लेकर आने-जाने का इंतजाम उन्हीं के द्वारा किया गया है। इसमें पालिका बोर्ड का कोई खर्चा नहीं हुआ है। अब जनता जानना चाहती है अपने जन प्रतिनिधियों के वह पालिका में मौज मस्ती के लिए गए हैं या शहर के विकास के लिए यह एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है? इस बोर्ड बैठक में सभी सभासद पालिका कर्मचारी मौजूद रहे।
बोर्ड बैठक को लेकर पालिका में छाई रही मायूसी
इधर बीते रोज शनिवार को नगर पालिका की बोर्ड बैठक पंगूट में होने के चलते आम जन के पालिका में सभी कार्य रुक गए और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि बोर्ड बैठक में अधिकतर पालिका कर्मचारी बैठक में मौजूद थे और नगर पालिका खाली थी पूरी पूरे पालिका परिसर में मायूसी सी छाई हुई थी।




















