October 3, 2026
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उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्यों ने

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खटीमा मंसूरी गोली कांड की 31 वी बरसीं में शहीदों को किया नमन दी श्रद्धांजलि

नैनीताल। सरोवर नगरी में सोमवार उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा नगर इकाई द्वारा खटीमा मंसूरी गोली कांड की 31 वी बरसीं में आज शहीद प्रताप सिंह स्मारक जू रोड में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करके राज्य प्राप्ति के लिए शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बता दे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उक्त श्रद्धांजलि कार्यक्रम हर वर्ष के भांति तल्लीताल स्थित गांधीजी की प्रतिमा के समीप होना था, पर भारी वर्षा के कारण उक्त कार्यक्रम शहीद राज्य आंदोलनकारी प्रताप सिंह की प्रतिमा के सामने सम्पन्न किया गया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा ने खटीमा गोली कांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारी भगवान सिंह, प्रताप सिंह, धर्मांनन्द भट्ट, सलीम, गोपी चंद, परमजीत सिंह, रामपाल को श्रृद्धा सुमन अर्पित किये, तथा उनके द्वारा दिए गए बलिदान को याद किया गया। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी क्रांतिकारी मोर्चा के इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहाँ कि जिस बर्बरता पूर्वक 1 सितम्बर 1994 को पुलिस द्वारा खटीमा नगर क्षेत्र में हजारों लोग जब शांतिपूर्ण रूप से जलूस निकालकर पृथक राज्य की मांग कर रहे थे, तभी खटीमा मुख्य चौराहे पर तत्कालीन थानाध्यक्ष डीके जैन की आंदोलनकारियों से हुई तीखी झड़प ने शांतिपूर्ण हजारों लोगों के ऊपर बर्बरता पूर्वक गोलीबारी कर दी जिसमें इतने राज्य आंदोलनकारी शहीद हो गये। राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों के बाद भी आज शहीदों के सपने साकार नहीं हुए हैं।आज उत्तराखंड राज्य के जो हालात है, वह किसी से भी नहीं छुपे है, जिस अवधारणा को लेकर राज्य प्राप्ति के लिए इतने लोगों ने अपना बलिदान दिया है, उन सपनों को कुचलने की कोशिशें की जा रही है, जिसे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी बिलकुल भी सहन नहीं कर सकते हैं, अगर राज्य के हालात यही रहे, तो राज्य आंदोलनकारी दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगे। इस मौके पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी कंचन चंदोला, शाकिर अली, पान सिहं सिजवाली, दिनेश उपाध्याय, मनमोहन चिलवाल, गिरीश चन्द्र जोशी, मनमोहन सिंह कनवाल, लीला बोरा, इंदर सिंह नेगी, मुकुल कांडपाल, गणेश बिष्ट, वीरेंद्र जोशी, पान सिंह रौतेला,, महेश जोशी, मुनीर आलम सिद्दीकी, लक्ष्मी नारायण लोहनी, हरेन्द्र बिष्ट, आदि दर्जनों राज्य आंदोलनकारी उपस्थित थे।

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