October 4, 2026
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पंत ने

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स्टॉप डायरिया व वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग अभियान का किया शुभारंभ

नैनीताल। मुख़्य चिकित्सा अधिकारी शिविर कार्यलय हल्द्वानी मे डॉ एच सी पंत मुख़्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्टॉप डायरिया व वर्ल्ड ब्रेस्ट फीडिंग अभियान का शुभारंभ किया गया। इस दौरान कार्यक्रम मे डॉ स्वेता भंडारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चो और महिला मे होने वाले फायदों के बारे मे जानकारी दी गई उन्होंने बताया
स्तनपान सप्ताह,प्रत्येक वर्ष अगस्त माह के पहले सप्ताह 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाया जाता है इसका उद्देश्य महिलाओं को स्तनपान एवं कार्य को दृढ़तापूर्वक एकसाथ करने का समर्थन देता है। डॉ एच0सी0 पंत , मुख़्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा गया कि कामकाजी महिलाओं को उनके स्तनपान संबंधी अधिकार के प्रति जागरूकता प्रदान करना साथ ही कार्यालयों में भी इस प्रकार का माहौल बनाना की स्तनपान कराने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुविधाएं ना हो नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा चिपचिपा युक्त मां का के स्तन का दूध कोलेस्ट्रम संपूर्ण आहार होता है जिसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद 1 घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिए सामान्यता बच्चे को 6 महीने की अवस्था तक केवल स्तनपान कराने की अनुशंसा की जाती है उसके बाद 5 वर्ष अथवा उससे अधिक जब तक स्तन से दुध आता है तब तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिए स्तन में दूध पैदा होना एक नैसर्गिक प्रक्रिया है जब तक बच्चा दूध पीता है तब तक स्तन में दूध पैदा होता है एवं बच्चे के दूध पीना छोड़ने के पश्चात कुछ समय बाद अपने आप ही स्तन से दूध बनना बंद हो जाता है। डॉ एच 0सी0 पंत मुख़्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कहा गया कि दस्त की लगातार बढ़ती समस्या से निपटने और शून्य बाल मृत्यु दर को लेकर प्रयास करने के लिए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपने लंबे समय से चल रहे गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़े (आईडीसीएफ) को स्टॉप डायरिया अभियान के रूप में पुनः ब्रांड किया है। 2014 में शुरू हुई यह पहल रोकथाम, सुरक्षा और उपचार (पीपीटी) रणनीति को बढ़ाने और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) और जिंक के उपयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है

डॉ मनोज कांडपाल जिला सर्विलेंस अधिकारी द्वारा कहा गया कि स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना: स्वास्थ्य सुविधाओं का उचित रखरखाव और उपयोग सुनिश्चित करना और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति (ओआरएस, जिंक) की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
स्वच्छ जल और स्वच्छता तक पहुंच में सुधार: सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता प्रदान करने के लिए कठोर गुणवत्ता नियंत्रण उपायों और स्थायी कार्य प्रणालियों को लागू करना कार्यक्रम में बच्चो को ओ0आर0एस0 का वितरण किया गया । इस मौके पर कार्यक्रम पर डॉ ब्रजेश बिष्ट, डॉ दिनेश कोहली, नंदन काण्डल, हेम जलाल, सरयू नंदन जोशी, तंनुज तिवारी, दीवान बिष्ट, दीपिका तिवारी, देवेंद्र बिष्ट, विनोद सुयाल, बसंती, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मदन मेहरा द्वारा किया गया।

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