कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता व रसूख के दम पर दबाई जैनी की आवाज: दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा
सरकार के दबाव में १६ साल की नाबालिग गर्भवती को न्याय देने के बजाय भेज दिया मानसिक चिकित्सालय

नैनीताल । जेनी प्रकरण को लेकर आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) व भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश महामंत्री भावना मेहरा ने कांग्रेस और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि जैनी द्वारा पुलिस से की गई शिकायत कांग्रेस शासनकाल की कार्यप्रणाली और उस समय आरोपी कांग्रेसी नेता को मिले कथित संरक्षण पर कई सवाल खड़े करते हैं। भावना मेहरा ने कहा कि जैनी के अनुसार जब वह महज १६ वर्ष की थीं तब उनके साथ कांग्रेसी नेता द्वारा अपने सरकारी आवास पर दुष्कर्म किया गया जिससे वह गर्भवती हो गई इससे भी अधिक गंभीर आरोप यह है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान उन्हें न्याय दिलाने के बजाय मानसिक चिकित्सालय भेज दिया गया और कथित तौर पर अलग.अलग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर उन्हें सरकार के दबाव में देहरादून से जाने और फि र कभी वापस न लौटने के लिए कहा गया जो गंभीर मामला है।
उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस शासनकाल में जैनी को न्याय कयों नहीं मिला? उस समय सत्ता में बैठे लोगों ने उनकी शिकायतों पर कार्रवाई कयों नहीं की?,कया सत्ता और राजनीतिक रसूख के आगे एक नाबालिग बच्ची की पीड़ा को अनदेखा कर दिया गया। भावना मेहरा ने कहा कि कांग्रेस आज अंकिता भंडारी के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करती है जबकि अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपी जेल में है लेकिन जैनी के गंभीर आरोपों पर कांग्रेस की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बेटियों के सममान और न्याय के मामले में दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। जैनी के आरोपों की निष्पक्ष एवं जांच होनी चाहिये पीडि़ता को तत्काल सुरक्षा और न्याय मिले तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को उसके राजनीतिक पद प्रभाव या रसूख के आधार पर कोई राहत नहीं मिलनी चाहिए।

























