November 4, 2026
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राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार में पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई

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छात्र-छात्राओं को उनकी जीवनी के बारे में दी जानकारी

भूमियाधार नैनीताल। राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती उत्साह, श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में पंत जी के जीवन, संघर्ष, राष्ट्रसेवा तथा हिमालय से उनके गहरे संबंध को स्मरण किया गया। इस दौरान कार्यक्रम मे बाल्यकाल, शिक्षा तथा इलाहाबाद में वकालत के आरंभिक जीवन का रोचक वर्णन किया। कार्यक्रम में
इतिहास प्रवक्ता विजय सिंह अधिकारी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के ऐतिहासिक एवं राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कुली-बेगार आंदोलन, 1928 के साइमन कमीशन विरोध, संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री तथा स्वतंत्र भारत में उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। गृह मंत्री के रूप में राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान तथा 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया। भौतिक विज्ञान प्रवक्ता आनंद सिंह बिष्ट ने विद्यार्थियों को ‘हिमालय प्रतिज्ञा’ दिलाई। कार्यक्रम के दौरान अन्य विद्यालयों से स्थानांतरित होकर राजकीय इंटर कॉलेज भूमियाधार में आए अंग्रेजी प्रवक्ता श्री नारायण सिंह मेहरा, रसायन विज्ञान प्रवक्ता श्री कृष्ण चंद्र जोशी, वाणिज्य शिक्षक प्रमोद कुमार तिवारी तथा विज्ञान शिक्षिका प्रियंका उप्रेती का विद्यालय परिवार की ओर से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उनके अनुभव और शैक्षिक योगदान से विद्यार्थियों को लाभ मिलने की आशा व्यक्त की। इस मौके पर
कार्यक्रम में गणित प्रवक्ता प्रकाश चंद्र आर्या, सामाजिक विज्ञान शिक्षक देवेंद्र प्रसाद देवराड़ी, जीव विज्ञान प्रवक्ता हरीश पंचवाल, अतिथि शिक्षिका प्रियंका पांडे तथा पूजा बिष्ट ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया और पंडित पंत के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विविध पक्षों पर अपने विचार रखे। प्रभारी प्रधानाचार्य त्रिभुवन अग्रगामी ने कहा कि पंडित पंत का जीवन विद्यार्थियों के लिए संघर्ष, संकल्प, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की प्रेरक पाठशाला है। उन्होंने विद्यार्थियों को लेखन, चित्रकला, पेंटिंग, सुलेख तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में अधिकाधिक भाग लेने के लिए प्रेरित किया और विद्यालय को नई दिशा एवं पहचान देने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में हिंदी अध्यापक प्रयाग दत्त सोराड़ी ने अपनी तत्परता और सक्रियता से संपूर्ण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध किया। उनकी सक्रियता से कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियों और विचारों को क्रमबद्ध रूप से दर्ज किया गया, जिससे यह आयोजन विद्यालय की स्मृतियों में एक महत्वपूर्ण शैक्षिक-सांस्कृतिक अवसर के रूप में सुरक्षित हो सके। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को अपने इतिहास, हिमालयी विरासत और राष्ट्रनिर्माण में पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी प्रवक्ता हीरा लाल आगरी ने किया।

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