युगमंच के 50 वर्ष होने के अवसर पर
आगामी 30 जुलाई को “होशियारी पड़ गई भारी” नाम से नाटक का होगा
सीआरएसटी ऑडिटोरियम में होगा मंचन सायं 6:45 बजे से प्रारंभ

नैनीताल। सरोवर नगरी की नाट्य संस्था युगमंच के प्रतिबद्ध और गौरवशाली स्वर्णिम रंग यात्रा के 50 वर्ष होने के अवसर पर युगमंच द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में युगमंच द्वारा शारदा संघ के सहयोग से बाल नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला निर्देशक मनोज कुमार के नेतृत्व में बाल कलाकारों द्वारा “होशियारी पड़ गई भारी” नाम से नाटक तैयार किया गया है नाटक की मूल कहानी पंचतंत्र से ली गई है। बता दे होशियारी पड़ गई भारी नाटक का मंचन 30 जुलाई 2026 को सायं 6:45 बजे से सी आर एस टी इंटर कॉलेज नैनीताल के जगदीश शाह प्रेक्षागृह में किया जायेगा।
होशियारी पड़ गई भारी नाटक का कथानक मूल रूप से पंचतंत्र की कहानी ढोल और सियार पर आधारित है। पंचतंत्र की कहानियों का उद्देश्य बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षाप्रद ज्ञान प्रदान करना है और यह नाटक भी इसी का एक उदाहरण है, जो हमें सिखाता है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले हमें उसे पर खूब सोच विचार करना चाहिए और वास्तविक तथ्यों के आधार पर सूझबूझ के साथ ही कोई निर्णय लेना चाहिए। नाटक के पात्र के रूप में मंच पर राजा वीरसिंह की भूमिका में रश्मिका बिष्ट, सेनापति के रूप में मेहराज सिंह व मायरा आनंद, राजा धीरसिंह की भूमिका में समर्थ आर्य, छोलिया टीम में मानस पीयूष प्रियांशु प्रियांशु बिष्ट दीपक युवराज हंस हर्षित अलंकित, चरण की भूमिका में हर्षिता गोसाई व श्रेयसी राणा, हिरण में दक्ष प्रताप सिंह कार्की, खरगोश वाणी गंगोलिया, हाथी अस्मि कृष्णानी, जिराफ अंजलि, कौवा सिमरन, तोता नित्यांशी राणा, उल्लू राधिका मेहरा, और तितलियों की भूमिका में नाविका, कायरा कमल, बवान्या बंगारी, चित्रांगदा भट्ट, सारन्या, सियार की केंद्रीय भूमिका में संस्कार पांडे, सियारनी की भूमिका में मान्या भंडारी और गिलहरियों के रूप में सारा कृष्णानी और अवर्नीका जोशी द्वारा योगदान दिया जा रहा है। पर्दे के पीछे की टीम में निर्देशन मनोज कुमार, सह निर्देशक एवं नाट्य आलेख मीनाक्षी बंगारी, गीत हेमंत बिष्ट व मीनाक्षी बंगारी, संगीत निर्देशक नवीन बेगाना, संगीत सहायक अमन महाजन संजय कुमार, कोरस में नेहा, आरोही बिष्ट, आयुषी, दिया, अनुष्का कोहली, जिज्ञासा आर्य, हर्षिता गोसाई, और नृत्य संयोजन में कनिका रावत द्वारा योगदान दिया जा रहा है. जबकि मंच व्यवस्था में भास्कर बिष्ट रफत आलम, वेशभूषा में अदिति खुराना मीनाक्षी बंगारी, रूप सजा में कनिका रावत, मंच निर्माण में पवन कुमार नीरज डालाकोटी, प्रकाश व्यवस्था में भास्कर बिष्ट इंतखाब आलम, प्रचार प्रसार में डॉ हिमांशु पांडे व राजा साह, निर्माण और वित्त नियंत्रण में भास्कर बिष्ट रफत आलम अपना सहयोग दिया जा रहा है। संचालन में हेमंत बिष्ट द्वारा योगदान दिया जा रहा है।




















