सरोवर नगरी में हजरत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की शहादत को याद करते हुए
मोहर्रम पर शिया समुदाय ने निकाला मातमी जुलूस









नैनीताल । सरोवर नगरी में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को नैनीताल में हजरत इमाम हुसैन व कर्बला के शहीदों की शहादत को याद करते हुए मातमी जुलूस निकाला। जुलूस में बड़ी संखया में अकीदतमंद शामिल हुए।
मातमी जुलूस के दौरान लोगों ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को नमन करते हुए श्रद्धा और गम का इजहार किया। शिया समुदाय के अजादारों ने इमाम हुसैन के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए मातम किया। इस दौरान ताजियों के साथ लोग विभिन्न मार्गों से होते हुए इमामबाड़े तक पहुंचे।मुरादाबाद से पहुंचे मिशम अब्बास नकवी ने बताया कि मोहर्रम के महीने में पैगंबर हजरत मोहममद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला की जंग में हुई शहादत की याद में ताजिया निकाला जाता है। उन्होंने बताया कि ताजिया इमाम हुसैन के मकबरे की प्रतीकात्मक प्रतिकृति होती है जिसे उनकी शहादत के सम्मान और शोक के रूप में निकाला जाता है।
मुस्ताक अली खान ने बताया कि इमाम हुसैन और उनके साथियों की कर्बला में हुई शहादत की याद में यह मातम मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और नैनीताल में करीब २०० वर्षों से मोहर्रम का आयोजन किया जा रहा है। पिछले १० दिनों से इमामबाड़ा मोटा पानी में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। शनिवार को हरिनगर से निकला मातमी जुलूस इमामबाड़े तक पहुंचा।इस दौरान मंज़ूर हुसैन, हसन रजा,अनवर रजा,अमजद खान,रमजानी खान,रजा खान, गुलाम अलीगढ,गुलाम मेहंदी, मुखतार खान,कुर्बान खान,हबीब बेनी, जफ र अली, अहसान खान,अमन खान, सलमान जफ ारी,अंचन जाफ री,अहसान खान, फ रमान अली खान, मुश्ताक अली खान, गुलाम अली, रमजानी खान, महमूद खान, सरवर अली खान, काजिम अली खान, सुल्तान खान तथा मुखतार अली आदि समुदाय के लोग मौजूद थे।





















