October 18, 2026
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उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पर आधारित

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” गंगू रमौला ” पर कार्यक्रम संस्था सर्वोदय सेवा समिति द्वारा हुआ आयोजित

नैनीताल। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और सीएफपीजीएस के सहयोग सॅ
पारम्परिक पौराणिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों “लोक गाथा गंगू रमौला”का, एक दिवसीय कार्यक्रम शनिवार को राजकीय इन्टर कालेज भूमियाधार नैनीताल मे मुख्य अतिथि तिरभुवन आर्या विशिष्ट अतिथि राजेन्द्र प्रसाद नेहा आर्या संगीत शिक्षक राजकीय इन्टर कालेज भूमियाधार प्रधानाचार्य के संयुक्त तत्वाधान मे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। बता दे
संस्कृति को समर्पित ‘ सर्वोदय सेवा समिति नैनीताल संस्थान द्वारा उत्तराखण्ड संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से विकास तथा कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार प्रसार तथा पारम्परिक सांस्कृतिक संगीत नृत्य कार्यक्रम का आयोजन राजकीय इन्टर कालेज भूमियाधार नैनीताल, उत्तराखण्ड में आयोजित किया गया। संस्था के अध्यक्ष आनन्द सिंह मेहरा ने मुख्य अतिथि का स्वागत बेज अलंकार कर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संस्था के महासचिव द्वारा सम्मानित दर्शको व स्कूल के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं समस्त स्टाफ व विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। जलागम समिति ने सांस्कृतिक संस्थान द्वारा बीस दिवसीय झोड़ा चांचरी छपेली एवं उत्तराखंड की पारम्परिक लोक कलाओं लोक नृत्यों के प्रशिक्षण के उपरान्त आज राजकीय इन्टर कालेज भूमियाधार नैनीताल में पारम्परिक सांस्कृतिक संगीत नृत्य कार्यक्रमों गंगू रमौला ” का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का उद्गम है हिमालय। हमारी संस्कृति परम्परा और पहचान है तथा गंगा यमुना और कई अन्य नदियॉ उत्तराखण्ड में निकलती है। उनमें से गंगा संबसे पवित्र और प्रमुख है क्योकि वह भारत की आत्मा उसकी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और सभ्यता का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होने कहा कि कला, शिल्प, नृत्य और संगीत आज भी कई देवी देवताओं के साथ साथ मौसमी चक्रों पर केन्द्रित है। उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति यहॉ के लोगों की जीवनशैली में अभिव्यक्त होती है। उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पर आधारित ” गंगू रमौला ” पर कार्यक्रम संस्था द्वारा आयोजित किये गये। कार्यक्रम का सुन्दर संचालन श्री उमेश कांडपाल द्वारा किया गया।
1 सर्वप्रथम नंदा सुनंदा की वंदना ओ नंदा सुनंदा तू देंडी है जाए
2 झोडा मेरी रुकता साली
3 गीत अजय कुमार आज कुछे मैत जा
4 ग्रुप नृत्य थल को कौतिक
5 गीत नेहा
6 ग्रुप नृत्य ओटूवा बेलडा
7 गीत अजय कुमार। जागजा ओ चकौरा
8 गीत नेहा
9 नृत्य नाटिका गंगू रमीला

निर्देशन- किशन लाल
सह निर्देशन- आनन्द सिंह मेहरा
नृत्य निर्देशन-रिया टम्टा
संगीत सतीश कुमार
गायन कलाकार- ललित मोहन चम्याल नेहा आर्या,
नृत्य कलाकार- हैरी,, ,चैतना गौरव, आशिष, गुंजन, सचिन,, पंकज कुमार दीपिका पंत , निलम तिवारी,
वाद्य कलाकार- हारमोनिय मे शुभम कुमार
ढोलक में गौवर कुमार
की बोर्ड शुभम कुमार ,पर भूवन कुमार,
बॉसुरी पर कैलाश कुमार।
अतं में संस्था के अध्यक्ष लाल सिंह रावत ने कहा कि कि पूरे विश्व में भारत अपनी संस्कृति और परम्परा के लिए प्रसिद्ध है। ये विभिन्न संस्कृति और परम्परा की भूमि है। भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता का देश है। भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण तत्व अच्छे शिष्टाचार, तहजीब, सभ्य संवाद, धार्मिक संस्कार, मान्यताए और मूल्य आदि है। भारतीय लोक संस्कृति के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों की अति आवश्कयता है उन्होंने इस अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान, एक कदम स्वच्छता की ओर, विषय पर लोगों को जानकारी दी। कलाकारों एवं प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का समापन के साथ सभी का आभार प्रकट करते हुए समापन किया गया।

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