October 18, 2026
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.डीएवी कॉलेज विधि के छात्रों का विधिक सेवा शिविर संपन्न

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विधि के छात्र ग्रामीण अंचलों में विधिक सेवा शिविर लगाएं- डॉ. अनिल वर्मा

डीएवी (पी जी) कॉलेज रोवर्स- रेंजर्स के पूर्व निदेशक, छात्र संघ उपाध्यक्ष तथा मुख्य सलाहकार रहे डॉo अनिल वर्मा ने कहा कि कानून का एक बुनियादी सिद्धांत “इग्नोरेंस ऑफ़ लॉ इज नो एक्सक्यूज़ ” यानि कानून की जानकारी ना होना क्षमा योग्य नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपराध करके यह कहे कि उसे क्षमा कर दिया जाए क्योंकि उसे कानून की जानकारी नहीं थी, तो उसे अपराधमुक्त या सजामुक्त नहीं किया जा सकता। कानून तो इस सिद्धांत पर चलता है कि प्रत्येक नागरिक को कानूनों की जानकारी है, चाहे वह अनपढ़ ही क्यों ना हो। न्यायालय नियमों तथा सबूतों के आधार पर निर्णय देता है ना कि अनभिज्ञता या भावनाओं के आधार पर। डॉ. वर्मा डीएवी (पी जी) कॉलेज के विधि विभाग द्वारा सहस्त्रधारा रोड स्थित अपोलो इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में आयोजित एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर में विधि के छात्र – छात्राओं को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विधिक जागरूकता शिविर का उद्देश्य बताते हुए कहा कि देश के शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इस सन्दर्भ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आम जनता को बिना किसी भय के तथा धन खर्च किये न्याय तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून अनजाने में हुई तथ्यात्मक भूल को तो क्षमा कर सकता है परन्तु कानून की भूल क्षमा योग्य नहीं है, उसके लिए सजा का प्रावधान है। प्रतिदिन अनेक लोग कानून की अनभिज्ञता के कारण जाने – अनजाने स्वयं या किसी के बहकावे में आकर कानून के शिकंजे में फंसकर जीवन बर्बाद कर बैठते हैं या अपने सामान्य कानूनी अधिकारों से भी वंचित रह जाते हैं।
अतः कानून का विद्यार्थी होने के नाते आपका कर्त्तव्य वकील या जज बनकर केवल अपना जीवनयापन करना ही नहीं है, बल्कि एक नैतिक दायित्व भी है कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र चाहे वो ग्रामीण हो या शहरी हर अनपढ़, मजदूर, किसान, महिला, पुरुष व बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों व कर्त्तव्यों के प्रति जागरूक करें। विशेषकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जाकर आर्थिक रूप से निर्धन व सामाजिक रूप से कमजोर पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सेवा सहायता प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायें।
विशिष्ट अतिथि अपोलो इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन मोहित बंसल ने कहा कि भारत में आम जनता को उनके कानूनी अधिकारों और कर्त्तव्यों की बहुत कम जानकारी है ऐसे शिविर निश्चित रूप से बहुत लाभकारी साबित होंगे।
शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) कौशल कुमार ने विधिक जागरूकता शिविर के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की विस्तृत जानकारी यहाँ तक कि मुफ्त वकील और कानूनी परामर्श निर्धन व्यक्तियों, महिलाओं, बच्चों व अनुसूचित जाति -जनजाति के लोगों को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने छात्र -छात्राओं का आह्वान किया कि वे अधिवक्ता या जज बनकर महाविद्यालय का नाम रोशन करते हुए पीड़ितों की सहायता करने वाले श्रेष्ठ नागरिक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं।
विधि विभागाध्यक्ष डॉ. पारुल दीक्षित ने विद्यार्थियों को एल -एल.बी की शिक्षा के उपरांत विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार के अवसरों की विस्तृत एवं अति महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। साथ ही बताया कि विगत 10 वर्षों में डीएवी कॉलेज के 25 विधि के छात्रों का जज हेतु चयन होना एक विशिष्ट उपलब्धि है। विधि विभाग संकल्प के साथ कॉलेज,समाज एवं राष्ट्र हित में समर्पित होकर कार्य करता रहेगा। श्रोताओं ने उनकी सूचना का करतल ध्वनि से स्वागत किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम संयोजक एवं विधि विभाग के प्रवक्ता डॉ. विवेक त्यागी के कुशल मार्गदर्शन में छात्र छात्राओं ने विधि के विभिन्न विषयों पर गंभीरतापूर्वक अपने विचारप्रस्तुत किये ताकि क्षेत्र की जनता विधि के विषयों का ज्ञान प्राप्त कर सके।
इनमें कुo अर्निमा कौशिक ने दिव्यांगजनों के कानूनी अधिकार विषय पर, आयुष्मान घिल्डियाल ने आपदा प्रबंधन, तानिया वर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम, शगुन धीमान ने वेश्यावृत्ति से महिलाओं की सुरक्षा संबंधी , हरप्रीत कौर ने पशु सुरक्षा, आशीष वर्मा ने निःशुल्क कानूनी सहायता, प्रशांत चौहान ने लैंगिक अपराध व बाल संरक्षण, बलविंदर सिंह ने उत्तराखंड राज्य में खेती की जमीन, कमलदीप माहरा ने भ्रष्टाचार निवारण विधि, वंदना दिवाकर ने दहेज प्रथा, रूपा यादव ने हिंदू विवाह तथा संपत्ति का अधिकार, अक्षिता राणा ने भरण पोषण प्राप्त करने, भावना थापा ने बाल कल्याण योजनाएं, रितेश भंडारी ने उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, नेहा चौहान ने मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम, शिवानी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर विधि, आकांक्षा साजवान ने महिलाओं के विधिक अधिकार तथा आराधना गोदियाल ने वन संबंधी कानून विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए समस्त विभागों से संपर्क करने हेतु टोल फ्री नंबर भी विशेष रूप से उल्लिखित किये।
कार्यक्रम को विधि विभाग के प्रवक्ताओं डॉ. जे एस चांदपुरी, डॉ. अपूर्व मावई, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. प्रतिमा सिंह ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर डी ए वी कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर डॉ. एस वी त्यागी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. आर के शर्मा, रसायन विभाग से डॉ. विनीत विश्नोई, श्री डी एस त्रिपाठी, श्री अनिल श्रीवास्तव, श्री कपिल मिश्रा, श्री नीरज आशीष, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष शुभम सेमल्टी सहित विधि के 300 छात्र – छात्राएं उपस्थित थे।
धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ प्रवक्ता विधि विभाग डॉ. राजेश कुमार दुबे तथा संचालन छात्रा अर्णिमा कौशिक व कमलप्रीत ने संयुक्त रूप से किया।

डॉ. अनिल वर्मा
पूर्व निदेशक, रोवर्स -रेंजर्स
एवं पूर्व उपाध्यक्ष व मुख्य सलाहकार, छात्रसंघ
डी ए वी (पी जी ) कॉलेज
8077662241
9837147742

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