May 22, 2026
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आशा फाउंडेशन द्वारा लगातार ब्रेस्ट कैंसर और

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बालिकाओं को माहवारी के समय में होने वाली परेशानियों को लेकर

डी एस बी कॉलेज में चलाया जागरूकता अभियान

नैनीताल। सरोवर नगरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आशा फाउंडेशन द्वारा लगातार ब्रेस्ट कैंसर और महिलाओं को माहवारी को लेकर चलाई जा रही जन जागरूकता अभियान के तहत स्कूल और कॉलेज में बालिकाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने के साथ-साथ अपने और अपने परिवार का ध्यान रखना को प्रेरित किया जा रहा है। आज इस मुहिम के तहत फाउंडेशन द्वारा आज डी एस बी कॉलेज में माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र एवम आंतरिक शिकायत समिति कु. वि. वि. के सयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम रखा गया। जिसके अंतर्गत बालिकाओं को माहवारी के समय में होने वाली परेशानियों से अवगत कराते हुए उनको कैंसर के प्रति सचेत किया गया। अध्यक्ष आशा शर्मा का कहना है कि किसी भी मुहिम का उद्देश्य युवाओं के बिना अधूरा है। हमें युवाओं को जागरूक करने की ज्यादा जरूरत है। क्योंकि कैंसर जैसी महामारी आजकल युवाओं में भी बहुत देखने को मिल रही है। आज डीएसबी कॉलेज की डायरेक्टर नीता बोरा शर्मा जो बालिकाओं के स्वास्थ्य को लेकर बहुत संजीता है उनके आग्रह पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।इसीलिए आशा फाउंडेशन के द्वारा लगातार गांव गांव में यह कार्य किया जा रहा है परंतु स्कूल और कॉलेज उनके लिए बहुत अहम है। उन्होंने बाजार में मिलने वाली पैड्स से होने वाले पर्यावरण को हानि से अवगत कराते हुए उसके दुष्प्रभाव से भी अवगत करवाया। आज कॉलेज परिसर में इस्तेमाल की गई सैनेटरी पैड्स को नष्ट करने हतु फाउंडेशन द्वारा इंसीनरेटर लगाया गया। बाजार में उपलब्ध पैड्स को कचरे में फेंकने से पर्यावरण पर बहुत दुष्प्रभाव होता है और इनकी नष्ट होने की सीमा अनिश्चित है। इसी लिए फाउंडेशन द्वारा इंसीनरेटर लगाया जाता है कि हम अपना जीवन और पर्यावरण को बेहतर बना सकें।वैसे भी जागरूकता के अभाव की वजह से लोग इन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ जाते हैं। आज के समय में स्तन कैंसर और बच्चेदानी का कैंसर बहुत उग्र रूप से फैल रहा है। फाउंडेशन के द्वारा अब तक उत्तराखंड के लगभग 45 गांव में यह मुहिम पहुंच चुकी है और लगभग 6 500 महिलाओं व बालिकाओं को जागरूक किया जा चुका है जिसके अंतर्गत फाउंडेशन द्वारा रेउसबल पैड्स जो की कपड़े की बनी हुई होती है।उनको लगभग 2 साल तक इस्तेमाल किया जा सकता हैं। इन पैड्स को आसानी से धोकर अच्छी धूप में सुखाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। वैसे भी बाजार में उपलब्ध सैनिटरी पैड्स बहुत लोगों की पहुंच में नहीं है । उनसे इस्तेमाल से पर्यावरण पर बहुत बड़ा दुष्प्रभाव पड़ रहा है इसीलिए अध्यक्ष आशा शर्मा ने यह मुहिम चलाई इन पैड्स के इस्तेमाल से बालिकाओं को हर महीने अपने ऊपर जो भी खर्च करना पड़ता था अब अगले दो से ढाई साल वह आसानी से बेफिक्र होकर अपना महामारी का समय निकाल सकती है। और पर्यावरण को बचाने में अपना अहम योगदान दे सकते हैं। आज इस कार्यक्रम में आज 100 बालिकाओं को पैड्स वितरित किए गए। इन पैड्स से बालिकाओं को अगले 2 साल के लिए एक स्वस्थ और सुंदर जीवन दिया गया। आशा जी का कहना है कि आज भी हमारे समाज में स्तन कैंसर और माहवारी जैसे विषय में बात खुलकर नहीं होती है। आज जागरूकता के साथ बच्चियों को खुलकर बातचीत करने की आवश्यकता है।जिसकी वजह से वह अपने पढ़ाई में अच्छे से मन लगा सके।आज फाउंडेशन के सचिव निश्चल शर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। प्रो नीता बोरा शर्मा और सभी प्रो के साथ आशा शर्मा का शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया। आशा शर्मा ने अंत में डायरेक्टर नीता बोरा शर्मा और सभी विभागों के प्रोफेसर्स का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर फाउंडेशन की तरफ से फाउंडर मेंबर नीलू एल्हंस,बच्ची सिंह नेगी ,आदि मौजूद थे। कॉलेज के तरफ से नीता बोरा शर्मा जी, प्रो चंद्रकला रावत, प्रो किरण पंत और सभी विभागों से प्रोफेसरस, बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर सभी लोग बहुत खुश थे। बालिकाओं का कहना था कि पहली बार इतनी खुलकर बातचीत हुई है।

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