May 11, 2026
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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने किया एसडीएम, तहसील और निबंधन कार्यालय का निरीक्षण

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आयुक्त ने धारा 229-बी के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की

143 के लंबित प्रकरणों पर हुई कार्यवाही

तहसील कार्यालय से लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय में मिली खामियां, आयुक्त ने दिए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश

जनता को अपने कार्यों को लेकर बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने तत्काल कार्य हो कुमाऊं आयुक्त

नैनीताल। सरोवर नगरी में सोमवार प्रात: लगभग 12:00 बजे कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने उपजिलाधिकारी कार्यालय तथा तहसील कार्यालय एवं निबंधन कार्यालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में विभिन्न लंबित राजस्व वादों, अभिलेखों के रखरखाव तथा कार्यालयीय कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने धारा 229-बी के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान संज्ञान में आया कि कुछ प्रकरण 15 से 20 वर्षों से लंबित हैं।
इस पर आयुक्त ने उप जिला मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि पुराने मामलों में अनावश्यक लंबी तिथियां न दी जाएं तथा त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक सप्ताह में तिथि देकर लंबित वादों का निस्तारण करें। इस दौरान उन्होंने 176 से संबंधित वाद जो संपत्ति बंटवारे के मामले हैं की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ प्रकरणों में उपजिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी करने के बावजूद भी संबंधित पटवारियों द्वारा ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए गए हैं।
इस पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए तथा आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं आयुक्त द्वारा 143 भूमि अकृषक किए जाने संबंधित विभिन्न प्राप्त आवेदनों एवं उनके निस्तारण से संबंधित आवेदनों की जानकारी लेते हुए पत्रावलियों का निरीक्षण किया गया।
राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल द्वारा 143 से संबंधित प्राप्त आवेदनों के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी न रखे जाने व संतोषजनक कार्य नहीं किए जाने, पत्रावलियों एवं अभिलेखों का सही ढंग से रखरखाव न किए जाने सहित कार्यों में लापरवाही बरतने पर कुमाऊं आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए उप जिलाधिकारी नैनीताल को संबंधित कार्मिक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश उपजिलाधिकारी नैनीताल को दिए।

निरीक्षण के दौरान कुमाऊं आयुक्त द्वारा इस संबंध में विभिन्न राजस्व निरीक्षक उप निरीक्षकों के द्वारा भी समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के संबंध में उपजिलाधिकारी को ऐसे राजस्व निरीक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इस दौरान कुमाऊं आयुक्त द्वारा सम्मन तामिली पंजिका, इश्तहार पंजिका एवं विभिन्न पत्रावलियों का भी अवलोकन किया गया। इस संबंध में समय पर कार्य न किए जाने, कार्यों की समीक्षा न किए जाने व लापरवाही बरतने पर उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को भी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि आज ही तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व निरीक्षकों एवं उप निरीक्षकों के साथ तहसील में बैठकर 143 से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करेंगे, जबतक कार्यवाही पूर्ण नहीं हो जाती है,तब तक कार्यालय खुला ही रहेगा और अद्यतन रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएंगे।

आयुक्त ने धारा 143 के अंतर्गत लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की तथा विलंब के कारणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कार्यालयों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
आयुक्त द्वारा उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के निरीक्षण के दौरान अधीनस्थ न्यायालय में लंबित राजस्व वादों की जानकारी लेते हुए दर्ज वादों एवं निस्तारण मामले के बारे में बार-बार बस्ता स्थिति के बारे में उन्होंने 229 बी के मामलो के बारे में वर्ष 2002 से भी लंबित विभिन्न प्रकरणों के संबंध में निर्देश दिए कि पुराने वादों का त्वरित निस्तारण करने हेतु सप्ताह में अथवा तीन-तीन दिन में डेट लगाकर इनका निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि न्यायालयों में दर्ज वादों को आरसीएमएस पोर्टल में भी अपलोड करेंगे इसके अतिरिक्त आयुक्त द्वारा भूमि विवादों बटवारों सहित विभिन्न प्रकरणों जैसे 176 के मामले 210, 209, 166, 167 सहित विभिन्न राजस्व वादों के बारे में लंबित वादों की जानकारी लेते हुए पत्रावलियो एवं पंजीकाओ का अवलोकन किया गया उन्होंने कहा विभिन्न प्रकरणो पर उपजिलाधिकारी द्वारा आदेश के बावजूद भी पटवारियों द्वारा कुर्रे नहीं बनाए जाने पर आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने उप जिलाधिकारी को ऐसे पटवारियों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए साथ ही आयुक्त द्वारा कुछ कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने को भी कहा गया।

इसके उपरांत आयुक्त ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों एवं रजिस्ट्री दस्तावेजों के रखरखाव में अनियमितताएं पाई गईं। जिसमें जमीन की रजिस्ट्री होने के उपरांत संबंधित क्रेता को रजिस्ट्री देने हेतु कार्यालय में रिसिविंग हेतु पंजिका उपलब्ध न होना तथा अनेक रजिस्ट्री जो हुई भी उनकी विवरण मौके पर उपलब्ध न होना भी पाया गया। जिसपर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए , दस्तावेजों एवं अभिलेखों के अद्यतन रखरखाव के निर्देश दिए। तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न बरतने के साथ ही इस संबंध में सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा,तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट सहित संबंधित कार्मिक आदि उपस्थित रहे।

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