October 29, 2026
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“ट्रू वैल्यू अकाउंटिंग: मेकिंग द इकोनॉमिक केस फॉर फॉर्मेशन इन इंडिया” द्वारा

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संवादात्मक सत्र का हुआ आयोजन

रामनगर नैनीताल। ​भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान ने भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के साथ मिलकर “ट्रू वैल्यू अकाउंटिंग: मेकिंग द इकोनॉमिक केस फॉर ट्रांसफॉर्मेशन इन इंडिया” (टीईईबी एग्रीफूड) प्रोजेक्ट के अंतर्गत 30 अप्रैल 2026 को एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।
​प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन हेतु साइट चयन और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर केंद्रित यह कार्यक्रम रामनगर (मंगलौर) में आयोजित किया गया। इस संवाद सत्र में मुख्य रूप से झबरेड़ा, सुसाड़ा, टिकोला कलां, शेरपुर, लेखनहेटा, तसीपुर और रुड़की सहित आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 40 किसानों सहित कुल 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भा.कृ.अनु.प.-आई.आई.एफ.एस.आर. से आए वैज्ञानिकों डॉ. राघवेन्द्र के. जे. ने टीईईबी एग्रीफूड प्रोजेक्ट के आगामी चरणों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साइट चयन की प्रक्रिया में मृदा स्वास्थ्य, जल संसाधन और स्थानीय कृषि प्रणालियों की स्थिति को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
​वहीं, भा.कृ.अनु.प.-आई.आई.एस.डब्ल्यू.सी. से आए वैज्ञानिक डॉ. रमनजीत सिंह एवं डॉ. अभिमन्यु ने साइट चयन के तकनीकी पहलुओं और संतुलित उर्वरक प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को बताया कि उर्वरकों का संतुलित उपयोग न केवल खेती की लागत को कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
​वैज्ञानिकों ने किसानों से उनकी वर्तमान कृषि पद्धतियों पर संवाद किया ताकि “मल्टीपल कैपिटल अप्रोच” के तहत पारंपरिक, जैविक और एग्रोफॉरेस्ट्री प्रणालियों का सटीक तुलनात्मक अध्ययन किया जा सके। इस आयोजन से क्षेत्र के किसानों में वैज्ञानिक खेती और मृदा संरक्षण के प्रति नई जागरूकता देखने को मिली।

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