विद्यार्थी जीवन में सहजयोग ध्यान पद्घति का विशेष योगदान:कर्नल तिवारी

भीमताल नैनीताल । विद्यार्थी जीवन में सकारात्मक सोच,सुख तथा शांति व मानसिक तनाव मुक्त जीवन शैली के लिए सहजयोग जरुरी विषय को लेकर बुधवार को ग्राफि क एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल में
कर्नल वीरेन्द्र तिवारी ने विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सहजयोग के नियमित ध्यान से हमारे मनोवैज्ञानिक,शारीरिक,आध्यात्मिक समझ में सुधार होता है। मानसिक संतुलन और निरोग शरीर मिलता है तथा शैक्षिक गुणवत्ता में अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है । ध्यान किया नहीं जा सकता हम ध्यान की स्थिति में चले जाते हैं यह एक स्वत: होने वाली प्रक्रिया है व्यक्ति के विचार या तो भूतकाल में रहते हैं या भविष्य काल में जब हम अत्यधिक भूतकाल या भविष्य काल के विचारों में चले जाते हैं तो हमारे शरीर में तनाव आ जाता है और हमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक असंतुलन आ जाता है।
कहा कि श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा बताएं सहजयोग ध्यान करने से हम स्वयं ही निर्विचार अवस्था को प्राप्त कर जाते हैं और वर्तमान की स्थिति में आ जाते हैं। कहा कि आज के इस युग में सकारात्मक सोच के लिए सहजयोग.ध्यान बहुत ही कारगर है। श्रीमाताजी निर्मला देवी ने ५ मई १९७० से गुजरात नारगोल से सहजयोग की शुरुआत की थी जो आज विश्व के १५० से ज्यादा देशों के लाखों लोग सहजयोग ध्यान का लाभ प्राप्त कर रहे हैं यह एक स्वत: होने वाली प्रक्रिया है जिसमें हम शरीर में उपस्थित तीनों नाडिय़ां इड़ा, पिंगला, सुषुना व सात चक्रों में कुंडलिनी जागरण से संतुलन प्राप्त करते हैं।अंत में उपस्थित २३०0 विद्यार्थी एटीचर्स व स्टाफ को कुंडलिनी जागरण व अपने आत्म साक्षात्कार की अनुभूति हुई। इस अवसर पर २०० 0विद्यार्थी जिनमें कुछ विद्यार्थी नाइजीरिया, युगांडा व सूडान से भी इस कार्यक्रम में समिलित थे। यूनिवर्सिटी नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ नेहा भट्ट , चिकित्सा अधिकारी सर्जन डा.वीरेन्द्र मिश्रा, राज्य नारी सशक्तिकरण समन्वयक श्रीमती तृप्ति तिवारी, केंद्र समन्वयक नैनीताल वंदना, नारी शक्ति समन्वयक नैनीताल रेनू आगरी, बाल शक्ति समन्वयक दिव्या आदि दर्जनों लोग मौजूद थे।




















