November 3, 2026
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खनिज न्यास निधि से विभिन्न विभागों को आवंटित

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धनराशि की डी एम रयाल ने विभागवार समीक्षा की

हल्द्वानी नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने हल्द्वानी कैंप कार्यालय में राज्य आपदा मोचक निधि, गैर आपदा मोचक निधि एवं आपदा न्यूनीकरण निधि,अनटाइड फण्ड के साथ ही खनिज न्यास निधि से विभिन्न विभागों को आवंटित धनराशि की विभागवार समीक्षा की।

आपदा निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों हेतु विभिन्न विभागों को गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में उपलब्ध कराई गई धनराशि की विभागवार समीक्षा करते हुए, विभागों द्वारा छोटे-छोटे कार्य होने के बावजूद भी वर्तमान तक कार्य पूर्ण न किए जाने व उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी व्यक्ति करते हुए ऐसे विभागों व कार्यदाई संस्थाओं को निर्देश दिए कि आगामी 15 जनवरी तक जिन विभागों द्वारा गत वित्तीय वर्ष की धनराशि पूर्ण व्यय करते हुए उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया जाएगा, संबंधित एजेंसी को भविष्य में धनराशि नहीं दी जाएगी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा निधि से जो भी धनराशि आवंटित की जाती है वह त्वरित निर्माण व पुनर्निर्माण, राहत कार्यों हेतु उपलब्ध कराई जाती है, विभागों द्वारा आपदा कार्यों को प्राथमिकता न देना एक गंभीर लापरवाही है यह लापरवाही क्षम्ययोग्य नहीं है उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनहित के कार्यों को अधिकारी प्राथमिकता से करें। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा से संबंधित जो भी प्रस्ताव तहसील स्तर पर उप जिला अधिकारी के माध्यम से जिला मुख्यालय को प्राप्त होने हैं संबंधित विभाग के अधिकारी स्वयं उप जिला अधिकारी स्तर पर उन प्रस्ताव को प्रस्तुत करेंगे ना कि किसी अन्य के माध्यम से। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को अधिकारी स्वयं कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने कहा भी जो भी कार्य आपदा निधि से कराए जाते हैं उन कार्यों के फोटोग्राफ सहित थर्ड पार्टी सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत कर शीघ्र उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। उन्होंने विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं को निर्देश दिए कि वे आपदा मानकों के अनुरूप व स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार कार्य करें।कार्यों में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी न हो, यह सुनिश्चित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्र अंतर्गत आपदा निधि के अंतर्गत जो भी कार्य कराए जा रहे हैं उनका स्थलीय सत्यापन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जो कार्यदाई संस्थाएं सही कार्य नहीं कर रही है उन्हें तुरंत ही बदल जाए।

इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए सभी उपजिलाधिकारियों को तहसील क्षेत्र अंतर्गत सभी सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों में जाकर नियमित निरीक्षण कर प्रमुख स्थानों में अलाव जलाने के भी निर्देश दिए साथ ही जरूरत मंद व्यक्तियों को कंबल वितरण कर रेनबसेरों में उचित प्रबंधन के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने खनन न्यास निधि के अंतर्गत विभिन्न विभागों कार्यदाई संस्थाओं को उपलब्ध कराई गई लगभग 25 करोड़ की धनराशि के सापेक्ष विभागों द्वारा किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई उन्होंने उक्त निधि से शिक्षा,स्वास्थ्य पेयजल, बाल विकास, प्रदूषण नियंत्रण, सड़क एवं संरचना के निर्माण कार्य सिंचाई, नलकूप, कृषि भूमि सुधार हेतु किए जा रहे कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय पर धनराशि व्यय करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि धनराशि का पूर्ण सदुपयोग हो यह विभागों की पूर्ण जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि इस निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए किया जाना है यह सुनिश्चित हो।

बैठक में अपर जिला अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, सहित सभी उप जिला अधिकारी कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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