अंकिता भंडारी के हथियारों को जल्द मिले फांसी :: कांग्रेस जिला अध्यक्ष महिला खष्टी बिष्ट

भवाली नैनीताल। प्रदेश में अंकिता हत्याकांड ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है और लोगों ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है भाजपा की कांग्रेस जिला अध्यक्ष महिला खष्टी बिष्ट ने अंकिता के हत्यारो को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है उन्होंने कहा बड़े शर्म की बात है उत्तराखंड देवभूमि में जिस तरीके से भाजपा राज में महिलाओं पर अनाचार , हत्या एवं उनका शोषण बढ़ते जा रहा है।उसी की भेट चढ़ी हमारे उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी है। तब से लेकर आज तक जाने कितने अंकिताओं ने अपनी जान से हाथ धो दिए लेकिन इंसाफ देने के नाम पर जीरो ये सरकार। अंकिता हत्या कांड में नया मोड़ आने पर,आज पूरे प्रदेश की मातृ शक्ति आहत एंव गुस्से से भरी हुई है।
पूरे प्रदेश में जगह-जगह महिलाएं एवं उत्तराखंड की जनता भाजपा सरकार से पूछ रही है, आखिर भाजपा सरकार क्या बलात्कारी की सरकार बनकर रह गई है???
जिस तरह से उस मासूम बच्ची के निर्मम हत्या हुई है।
यह जग जाहिर है !
क्यों नहीं सीबीआई जांच बिठाई गई आज तक??
हद तो तब हो गई जब भाजपा के नेताओं की जो वीडियो वायरल हुई और खुले आम अभद्र टिप्पणी और शर्मनाक बातें लगातार तीन-चार दिन से सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचारित हो रही है। खुलेआम उसमें नाम भी आ चुके हैं कौन था वह वीआईपी गट्टू?? आज तीन-चार दिन के बाद भी क्यों हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री जी चुप्पी साधेहुए हैं।
तो अब तो प्रदेश के मुख्यमंत्री को तुरंत संज्ञान लेना ही चाहिए।
आखिर क्यों ऐसे राक्षसों को बचाने में लगे हैं।
हम मुख्यमंत्री जी से और प्रधानमंत्रीजी से यह पूछना चाहते हैं कि आज कीसी भी राज्य की महिलाएं सुरक्षित नहीं है।आखिर क्यों ,
कोई कड़ा कानून बना रहे हैं आप बलात्कार और हत्या करने वाले को तुरंत फांसी की सजा का कानून बनाया होता तो किसी दुष्कर्मी की हिम्मत नहीं होती।
क्या सिर्फ,
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा देने से देश में बेटियां सुरक्षितहैं?? हम पूछना चाहते हैं आपसे।
3 साल का समय बीतने के बाद भी हमारे उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय अधूरा मिला है।
मुख्यमंत्री जी हम सभी आपकी तरफ आस भरी नजरों से देख रहे हैं।
कि अब तो आप अंकिता भंडारी को जल्दी न्याय देंगे।
अगर अभी भी अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला
तो उत्तराखंड की मातृशक्ति सड़क से सदन तक ईट से ईट बजा देंगी।
उसके जिम्मेदार स्वयं आप होंगे।




















