September 23, 2026
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आशा फाउंडेशन की जागरूकता मुहीम जारी

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भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की लगभग 300 छात्राओं और शिक्षिकाओं को किया जागरूक

नैनीताल। सरोवर नगरी में आशा फाउंडेशन के द्वारा लगातार चले आ रहे जागरूकता अभियान के तहत आज मंगलवार को भारतीय शहीद सैनिक स्कूल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय की लगभग 300 बालिकाओं और शिक्षिकाओं को जागृत करने के साथ-साथ उनका स्वयं की सुरक्षा के विषय में भी बताया गया ।आशा फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा शर्मा ने विद्यालय के प्रधानाचार्य विशन सिंह मेहता और शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष आशा शर्मा का कहना है कि उनकी यह ,मुहिम युवाओं के लिए और युवाओं के साथ,है। उनका मानना है की कोई भी मुहिम युवाओं के बिना अधूरी है। और आज के समय में कैंसर जैसी महामारी की गिरफ्त में युवा ज्यादा आ रहे हैं। आज उन्होंने बालिकाओं को आंतरिक रूप से मजबूत बनने के लिए कहा उनका कहना है कि अगर कोई भी लड़की या महिला आंतरिक रूप से मजबूत है तो उसे बाहरी रूप के खतरे से निपटने में आसानी होती है। हमारे समाज में बहुत सी गलत अवधारणाओं के चलते बालिकाएं अपनी बात खुलकर नहीं कर पाती हैं। और वह अधूरी जानकारी के चलते बीमारियों के गिरफ्त में आ जाती हैं ।आज बच्चियों को माहवारी के समय होने वाली सभी समस्याओं के बारे में बताया गया। उसका समाधान भी दिया गया। आज उनको बाजार में मिलने वाली पैड्स जो की हर किसी के लिए सामान्य रूप से उपलब्ध कराना संभव नहीं है।विद्यालय में जाकर बात करने से पता चला कि आज भी बहुत लोगों की पहुंच में पैड्स नहीं है आशा फाउंडेशन की मुहिम लगातार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और बाजार की पैड्स से होने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए रेउसबल पैड्स के ऊपर काम किया जा रहा है ।आज सभी बालिकाओं और शिक्षिकाओं को कपड़े से बनी हुई रेउसबल पैड्स फ्री आशा फाउंडेशन द्वारा मुहैया कराए गए। जिनको पाकर उनके के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिली आज बालिकाओं को स्तन कैंसर के विषय में भी बताया गया ताकि वह स्वयं की और अपने परिवार की प्रत्येक महिला को स्वयं परीक्षण के विषय में बता सके और कैंसर जैसी महामारी से बच सके। क्योंकि स्तन कैंसर में बहुत से लक्षण दिखाई देते हैं जिनको हम स्वयं प्रशिक्षण में पहचान सकते हैं। स्वयं परीक्षण से हम आने वाले खतरे से काफी हद तक बचाव कर सकते हैं।आज नारी सशक्तिकरण पर भी उनको बताया गया की कैसे एक बेटी का सफर एक स्त्री बनने तक आसानी से तय किया जा सकता है।बालिकाओं को स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की प्रत्येक महिला को सचेत करने के लिए बताया गया। साथ में समाज में फैलती हुई एक संक्रामक बीमारी जिसकी गिरफ्त में हमारे युवा आते जा रहे हैं वो है नशाखोरी आज बालिकाओं को घर के प्रत्येक सदस्य पर नजर रखने के लिए बताया गया ।ताकि उनके आसपास कोई ऐसा बच्चा इसकी गिरफ्त में ना हो।
आशा फाउंडेशन द्वारा अब तक 5000 महिलाओं और लड़कियों को गांवों में और स्कूलों में ये पैड्स दिए जा चुके है। पौड़ी गड़वाल और कुमाऊं के अब तक 42 गांव में उनकी टीम पहुंच चुकी है। आज उनके साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया नैनीताल से अभिषेक भंडारी, हर्षवर्धन शाह, भावना जीना, प्रभा कुमारी उपस्थित रहे। आशा फाउंडेशन की और से मुन्नी तिवारी, नीलू एल्हंस, ईशा शाह, शगुन सलाल, बच्ची सिंह नेगी बिष्ट और सभी शिक्षिकाये मौजूद थी। शिक्षिका रेणु बिष्ट, प्रधानाचार्य विशन मेहता और स्टाफ ने आशा फाउंडेशन की टीम को स्मृति चिन्ह भेंट करने के साथ आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ नीलम द्वारा किया गया।

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