राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर ऑल सेंट्स कॉलेज में
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की पूर्व संध्या पर मद्देनजर
एस्ट्रोपाठशाला एसटीईएम लैब का हुआ शुभारंभ




नैनीताल सरोवर नगरी में प्रतिष्ठित ऑल सेंट्स कॉलेज, नैनीताल में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मद्देनजर विज्ञान एवं अंतरिक्ष शिक्षा को नई दिशा देने वाली एस्ट्रोपाठशाला एसटीईएम लैब का भव्य उद्घाटन किया गया। यह लैब छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. मनीष के. नाजा, निदेशक, एरीज, नैनीताल का विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अंजना रिचर्ड्स एवं विद्यालय परिवार द्वारा स्वागत किया गया। इस अवसर पर एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक श्री अजय रावत एवं श्री शुभम कुमार, शिक्षकगण और छात्राएँ उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्या श्रीमती एंजिना रिचर्ड्स ने कहा कि एस्ट्रोपाठशाला एसटीईएम लैब की स्थापना छात्राओं के लिए सीखने के नए आयाम खोलेगी। उन्होंने कहा कि इस लैब के माध्यम से छात्राओं को कक्षा में सीखी गई वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रयोगों और परियोजनाओं के जरिए व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनमें रचनात्मकता, समस्या-समाधान की क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि छात्राएँ इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगी।
छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. नाजा ने कहा कि विज्ञान केवल किताबों से सीखने का विषय नहीं, बल्कि प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और स्वयं उत्तर खोजने की प्रक्रिया है। उन्होंने छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने छात्राओं को उपलब्ध संसाधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने और निरंतर नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संभव है कि ऑल सेंट्स कॉलेज की छात्राओं में से ही भविष्य की वैज्ञानिक, इंजीनियर या अंतरिक्ष शोधकर्ता निकलें। कार्यक्रम में ड्रोन शो, पैराशूट रॉकेट्री और पुष्पवर्षा ने छात्राओं में खासा उत्साह पैदा किया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने रिबन काटकर एस्ट्रोपाठशाला एसटीईएम लैब का औपचारिक उद्घाटन किया। लैब के भ्रमण के दौरान छात्राओं ने विभिन्न रोबोटिक्स, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक मॉडलों एवं परियोजनाओं के बारे में स्वयं जानकारी दी। उनकी वैज्ञानिक समझ और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर डॉ. नाजा ने उन्हें लैब की सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने, नए प्रयोग करने और अपनी जिज्ञासा को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। ऑल सेंट्स कॉलेज में शुरू हुई यह पहल छात्राओं को विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया को केवल पढ़ने के बजाय उसे प्रयोग करके समझने का अवसर देगी। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर शुरू हुई एस्ट्रोपाठशाला एसटीईएम लैब विद्यार्थियों के सवालों को प्रयोग, नवाचार और भविष्य की खोजों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




















