बदलते मौसम के चलते पेट मे तकलीफ के मरीज बड़े
बी डी पांडे चिकित्सालय में हर रोज पहुंच रहे टाइफाइड डायरिया व पीलिया के मरीज

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में मौसम लगातार करवट बदल रहा है, बारिश और बदलते मौसम के बीच राजकीय बी.डी. पांडे जिला अस्पताल में मरीजों की संखया में इजाफ ा देखने को मिल रहा है। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में टाइफ ाइड समेत डायरिया, पेट दर्द व बुखार और पीलिया जैसी बीमारियों से परेशान मरीज बड़ी संखया में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बारिश के मौसम में खान.पान और पानी को लेकर बरती गई लापरवाही पेट संबंधी बीमारियों की बड़ी वजह बन सकती है।
मामले में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फि जिशियन डॉ. महिमन सिंह दुग्ताल ने बताया कि बरसात के मौसम में पीलिया, डायरिया, टाइफ ाइड तथा पेट दर्द और बुखार के मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कई मरीज हाथ.पैर में दर्द तथा शरीर में झनझनाहट और कमजोरी जैसी समस्याएं भी बता रहे हैं। कुछ मरीजों की स्थिति ऐसी होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ रहा है।
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वरिष्ठ फिजिशन डा. दुग्ताल ने दी लोगों को यह सलाह
नैनीताल। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. महिमन सिंह दुग्ताल ने लोगों को बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है? उन्होंने कहा कि लोग स्वच्छ पानी का सेवन करें और संभव हो तो पानी को उबालकर पिएं तथा बाहर के खुले और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से बचें साथ ही खाने को हमेशा ताजा रखें और साफ. सफ ाई का विशेष ध्यान दें। खासकर बारिश के मौसम में पानी और भोजन की स्वच्छता को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
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कया कहना है मरीजों का
नैनीताल। अस्पताल में उपचार करा रहे मरीज भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मरीज हितेश कुमार ने बताया कि उन्हें बुखार, सिर दर्द तथा पेट दर्द व शरीर में जकडऩ और चक्कर आने जैसी समस्या हो रही है। उनका कहना है कि गांव में एक व्यक्ति को बुखार होने के बाद अन्य लोगों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं वहीं मरीज हेम चंद्र जोशी ने पानी को लेकर चिंता जताई है उन्होंने बताया कि जल संस्थान से आने वाले पानी के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि नगर के वीरभट्टी इलाके में स्थित पार्वती प्रेमा जगाती आवासीय विद्यालय के २० बच्चों में पीलिया और डायरिया के लक्षण पाए गए जिसके बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में भी संक्रमण और पीलिया जैसी समस्या सामने आई है जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।




















