November 6, 2026
ww yyyy ppp new lll mkl

कुमाऊँ विश्वविद्यालय और श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च, दिल्ली के बीच एमओयू हुआ हस्ताक्षर

0
1004857143
222 aaaa bbb cccc dddd eeee ffff gggg hhhh iii jjjj kkkk lll mmm nnnn ooo pppp qqq zzzzz

शोध, नवाचार और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को मिलेगा नया आयाम

नैनीताल।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल और श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च , दिल्ली के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के मध्य शोध, तकनीकी विशेषज्ञता, नवाचार, प्रशिक्षण एवं वैज्ञानिक संसाधनों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। कुमाऊँ विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत के नेतृत्व में तथा श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च की ओर से निदेशक डॉ. मुकुल दास ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत के नेतृत्व में हुए इस समझौते से विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को उन्नत वैज्ञानिक सुविधाओं और औद्योगिक अनुसंधान के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे।
समझौते के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त शोध परियोजनाओं, कार्यशालाओं, संगोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। साथ ही, दोनों संस्थानों के विशेषज्ञ एक-दूसरे की प्रयोगशालाओं, तकनीकी सुविधाओं एवं विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए सहयोगात्मक शोध कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान सिंह रावत ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च की अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं एवं विशेषज्ञ सेवाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इनमें अनुसंधान एवं विकास , पायलट प्लांट एवं नवाचार सहयोग, विष विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान अध्ययन, भवन एवं अवसंरचना परीक्षण, पर्यावरण संरक्षण, गामा इर्रेडिएशन प्रोसेसिंग, उपकरणों का कैलिब्रेशन तथा टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
समझौते के तहत श्रीराम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के सह-पर्यवेक्षक के रूप में भी सहयोग कर सकेंगे, जबकि दोनों संस्थान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के समक्ष संयुक्त शोध परियोजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रावत ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय में अनुसंधान संस्कृति, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक स्तर की वैज्ञानिक तकनीकों एवं प्रयोगात्मक सुविधाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च वर्ष 1947 में स्थापित एक प्रतिष्ठित, स्वतंत्र एवं गैर-लाभकारी बहुविषयक अनुसंधान संस्थान है, जो उद्योगों, सरकारी संस्थाओं और विभिन्न संगठनों के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान सेवाएं प्रदान करता है।
यह एमओयू प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा और दोनों संस्थानों की पारस्परिक सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *