November 6, 2026
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विश्वविद्यालयों में वर्षों से रिक्त पदों पर कार्यरत उपनल और संविदा कर्मी हों नियमित

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नैनीताल। सरोवर नगरी में कुमाऊं विश्वविद्यालय *रिक्त पद भरने में सक्षम नहीं,
*लगातार मांग के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं
*शासन रिक्त पदों पर नियुक्ति पर हमेशा दे रहा आश्वासन
*जल्द करेंगे मुख्यमंत्री और शासन में वार्ता
*10,16,26 की लड़ाई में संयुक्त परिषद का देंगे साथ
*कुमाऊं विश्वविद्यालय और अल्मोड़ा विश्वविद्यालय में स्थाई कुलसचिव की मांग
*दिवंगत कर्मचारी नेता नरेंद्र रजवार को दी गई श्रद्धांजलि

उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में विश्वविद्यालयों में लंबे समय से चले आ रहे रिक्त पदों पर भारी आक्रोश व्यक्त किया गया और इन पदों पर विश्वविद्यालयों में कार्यरत उपनल और संविदा, दैनिक कर्मियों को नियमित करने की मांग की गई है। वहीं विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों की पदोन्नति के प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठी है। वहीं संस्कृत विश्वविद्यालय के कार्मिकों, पंतनगर विश्वविद्यालय के लैब सहायकों के शासन में लंबित प्रकरणों के।शीघ्र निस्तारण की मांग की गई है। वहीं राज्य में प्रमुखत एकल पद धारकों और चतुर्थ की 10,16,26 वर्ष में एसीपी निर्धारण की मांग हेतु राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के साथ मिलकर आंदोलन में सहयोग करने का निर्णय लिया गया है।

ऑनलाइन माध्यम उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मण रौतेला की अध्यक्षता और महामंत्री प्रशांत मेहता के संचालन में संपन्न बैठक में प्रदेश भर के विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की जानकारी देते हुए महासंघ के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मण रौतेला और महामंत्री प्रशांत मेहता ने बताया कि कार्यकारिणी में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों की समस्याओं के।निस्तारण हेतु समिति के गठन का स्वागत किया गया और उक्त समिति के सम्मुख रखें जाने विषयों पर व्यापक चर्च हुई। वहीं राज्य विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने की संगठन द्वारा की जा रही है जिस हेतु शासन और विश्वविद्यालय प्रशासनों से कई दौर की वार्ताएं हो चुकी है जिसमें शीघ्र नियुक्ति करने का आश्वासन दिया जाता जा रहा है परंतु एक भी विश्वविद्यालय ने विगत आठ वर्षों में कर्मचारियों की कोई नियुक्ति नहीं की है। इन पदों के सापेक्ष विश्वविद्यालयों ने उपनल, संविदा और दैनिक कर्मियों को लंबे समय से नियुक्त किया गया है। आज कार्यकारिणी की बैठक में इन्हीं उपनल, संविदा, दैनिक कर्मियों को नियमित करने की मांग को सहमति देते हुए शासन से वार्ता करने का निर्णय लिया गया है। सकारात्मक पहल न होने पर लंबे समय से चल रही इस प्रमुख मांग को लेकर संगठन न्यायालय की शरण में जाएगा। वहीं बैठक में कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं अल्मोड़ा विश्वविद्यालय में राज्य कुलसचिव संवर्ग से स्थाई कुलसचिव नियुक्त करने की मांग को भी सहमति दी गई जिस हेतु संगठन पहल करेगा। वहीं संस्कृत विश्वविद्यालय के कार्मिकों, पंतनगर विश्वविद्यालय के लैब सहायकों के प्रकरण लंबे समय से शासन में लंबित होने पर रोष रही किया गया एवं इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संगठन के दिवंगत नेता नरेंद्र सिंह रजवार के निधन पर श्रद्धांजलि दी गई।

आज आयोजित बैठक में महासंघ के प्रदेश मुख्य संरक्षक कुमाऊं विश्वविद्यालय से भूपाल सिंह करायत, गढ़वाल विश्वविद्यालय से राजेंद्र भंडारी, संरक्षक कुमाऊं विश्वविद्यालय से कुलदीप सिंह, पंतनगर विश्वविद्यालय से ओमप्रकाश गुप्ता, भूपेश कबडवाल, मुक्त विश्वविद्यालय से संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत नैनवाल, विमल चौहान, भरसार विश्वविद्यालय से संगठन के उपाध्यक्ष धन सिंह नेगी, उपाध्यक्ष लक्ष्मी उनियाल, आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संजीव पांडे, संस्कृत विश्वविद्यालय से महेंद्र रावत, कुमाऊं विश्वविद्यालय से विपिन चंद्र, जगमोहन मेहरा, भगवान ध्यानी, नंदाबल्लभ पालीवाल, हीरा किरौला, अलमोड़ा विश्वविद्यालय से संगठन के उपाध्यक्ष देवेंद्र धामी, कोषाध्यक्ष देवेंद्र पोखरिया, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संगठन के संयुक्त मंत्री जोत सिंह भंडारी, संदीप बुन्दुनी गुरुकुल विश्वविद्यालय से संगठन के उपाध्यक्ष प्रकाश तिवारी सहित संगठन के कार्यकारिणी सदस्य और पदाधिकारी शामिल रहे।

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