चर्चित सनसनी खेद मामलानरेश पांडे प्रकरण:
अदालत ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म पर जमानत याचिका को किया खारिज
नैनीताल । पोक्सो एकट नैनीताल के विशेष न्यायाधीश सुधीर तोमर ने नाबालिग पीडि़ता के साथ होटल में ले जाकर जबरदस्ती दुष्कर्म करने के आरोपी नरेश पाण्डे निवासी भवाली की प्रथम जमानत याचिका खारिज कर दी।
आरोपी के खिलाफ मल्लीताल थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा पोकसो अधिनियम की धारा ३/४ एवं १६/१७ के अंतर्गत मामला दर्ज है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया था कि आरोपी एक सामाजिक कार्यकर्ता है और उसे रंजिशन झूठा फंसाया गया है जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फ ौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि पीडि़ता और गवाहों के बयानों सहित मेडिकल साक्ष्य भी इस गंभीर अपराध की पुष्टि करते हैं।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का गहन अवलोकन करने के बाद अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर एक नाबालिग लडक़ी को होटल ले जाकर जबरदस्ती दुष्कर्म करने का अत्यंत गंभीर आरोप है जो कि विवेचनाधीन है। कोर्ट ने माना कि आरोपी का आपराधिक इतिहास होने के साथ.साथ इस स्तर पर जमानत देने से पीडि़ता व गवाहों को प्रभावित किए जाने और आरोपी के फरार होने की पूरी संभावना है। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोकसो एकट) २०१२ को बालकों के संरक्षण के लिए एक विशेष कानून बताते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता है जिसके चलते आरोपी नरेश पाण्डे की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।




















