मां नयना देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में में उमड़े श्रद्धालु
भगवती दुर्गा के दिव्य अवतारों और शुंभ निशुंभ वध के प्रसंग का अत्यंत रसपूर्ण एवं जीवंत पर किया वर्णन

नैनीताल । सरोवर नगरी में श्री मां नयना देवी मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन यानी रविवार को पूज्य व्यास चंद्रशेखर अधिकारी ने भगवती दुर्गा के दिव्य अवतारों और शुंभ निशुंभ वध के प्रसंग का अत्यंत रसपूर्ण एवं जीवंत वर्णन किया। कथा श्रवण के लिए पंडाल में भारी संखया में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
कथा व्यास ने प्रसंग की शुरुआत करते हुए बताया कि शुंभ और निशुंभ मात्र दो राक्षस नहीं बल्कि मानव मन के भीतर छिपे अहंकार और मोह के प्रतीक हैं। जब इन दोनों असुरों ने अपनी शक्ति के मद में आकर तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया और देवताओं को स्वर्ग से निष्कासित कर दिया, तब पीडि़त देवताओं ने मां भगवती की शरण ली। आज मुखय यजमान मनोज चौधरी तथा विजय लाल साह सपत्नीक बैठे। आरती के पश्चात चने का प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष राजीव लोचन साह समेत सचिव प्रदीप कुमार शाह, उपाध्यक्ष घनश्याम लाल साह ,कोषाध्यक्ष किशन सिंह नेगी सहित मून बहादुर शाह, प्रधान आचार्य बसन्त बल्लभ पाण्डेय, चंद्रशेखर तिवारी, भुवन कांडपाल, गणेश बहुगुणा, नवीन चंद्र तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी सुरेश मेलकानी , बसन्त जोशी, अमिता साह, सुमन साह, मंजू रौतेला, मीनू बुधलाकोटी व मुन्नी भट्ट व शालिनी शाह आदि जुटे रहे।





















