कुविवि के वनस्पतिशास्त्री ने कंजर्वेशन एशिया कांग्रेस में किया भारत का प्रतिनिधित्व

नैनीताल । कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के वनस्पतिशास्त्री एवं शोधकर्ता डॉ. हर्ष कुमार चौहान ने नेपाल की राजधानी काठमांडू में ३ से ५ जून २०२६ तक आयोजित प्रतिष्ठित कंज़र्वेशन एशिया कांग्रेस (सीएसी) नेपाल २०२६ में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनकी इस अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को ट्रैफिक इंटरनेशनल कैब्रिंज द्वारा प्रायोजित किया गया।
बता दें ट्रैफि क इंटरनेशनल डबलूडबलूएफ एवं आईयूसीएन के सहयोग से अवैध वन्यजीव व्यापार पर नियंत्रण तथा जैविक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने वाली विश्व की अग्रणी संरक्षण संस्थाओं में से एक है।काठमांडू में आयोजित इस सममेलन में संरक्षण वैज्ञानिकों, स्थानीय समुदायों के नेताओं, संरक्षण विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, कलाकारों, विद्यार्थियों, पत्रकारों तथा संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सममेलन के दौरान प्रतिभागियों ने एशिया भर में संचालित सफ ल संरक्षण पहलों, अनुसंधान निष्कर्षों, अनुभवों और व्यावहारिक उपकरणों का आदान प्रदान किया।सममेलन के दौरान डॉ. चौहान ने स्केलिंग आउट एंड अपरू प्रोग्रेस टुवड्र्स सस्टेनेबल ट्रेड एंड कंज़र्वेशन ऑफ प्लांट्स एंड फंगीश् विषयक संगोष्ठी में आमंत्रित वक्ता के रूप में व्याखयान प्रस्तुत किया। उनका व्याखयान प्रोग्रेस एंड प्रायोरिटीज फ ॉर द आईयूसीएन रेड लिस्ट असेसमेंट ऑफ हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स शीर्षक पर आधारित था जिसमें उन्होंने हिमालयी औषधीय पौधों के संरक्षण मूल्यांकन की वर्तमान प्रगति, प्रमुख चुनौतियों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। कुविवि के कुलपति प्रो.(कर्नल) दीवान सिंह रावत ने डॉ. चौहान की कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहभागिता कुमाऊँ विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करती है तथा भारतीय हिमालय में किए जा रहे वैज्ञानिक अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करती है।





















