जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत का फैसलादो मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज
नैनीताल । जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो मुखय आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
अदालत ने आरोपी रोहित सिंह बिष्ट पुत्र आनंद सिंह बिष्ट निवासी ग्राम घुघूखान मल्लीतालद्ध और कमल सिंह बिष्ट पुत्र गोविन्द सिंह बिष्ट की धारा १०३(१) और २३८ और ३(५) बीएनएस के तहत दायर जमानत अर्जियों पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए पुखता सबूतों को देखते हुए आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ मना कर दिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फ ौजदारी)0 सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि टूटा पहाड़ तल्लीताल क्षेत्र में मृतक दिनेश चंद्र उपाध्याय को तीनों अभियुक्तों के साथ सीसीटीवी कैमरे में आते.जाते देखा गया था और घटना के बाद भी वे होटल में आते.जाते दिखाई दिए। इसके अलावाए कॉल डिटेल रिकॉर्ड से घटना से पहले और बाद में आरोपियों के बीच बातचीत की पुष्टि हुई है। डाकटर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की कि मृतक के सिर पर आई चोटें स्वयं गिरने से नहीं आ सकती थीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामला अत्यंत गंभीर है और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।





















