विश्व सामाजिक न्याय दिवस के उपलक्ष्य पर
राजकीय पॉलिटेकनिक कॉलेज मे विधिका साक्षरता व जगरूकता शिविर का हुआ आयोजन


नैनीताल सरोवर नगरी में उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०) / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल के द्वारा विश्व सामाजिक न्याय दिवस के उपलक्ष्य पर राजकीय पॉलिटेकनिक कॉलेज नैनीताल मे विधिका साक्षरता व जगरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सर्व प्रथम अध्यापिका प्रतिभा आर्या द्वारा शिविर का संचालन किया गया शिविर मे सिविल जज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा छात्र छात्राओ को बताया की इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में सामाजिक न्याय को प्रोत्साहित करना है, ताकि हर व्यक्ति को उसके अधिकारों और सुविधाओं का उपयोग करने का अवसर मिल सके। इस दिन के माध्यम से, लोगों को जागरूक किया जाता है कि समाज में सामाजिक न्याय की आवश्यकता है शिविर मे सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्य प्रणाली के बारे मे बताया और एन डी पी एस एक्ट के बारे बताते हुए कहा की उत्तराखंड में नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों (मनोविकार नाशक) से संबंधित सबसे कठोर कानून है। इस एक्ट का उद्देश्य मादक औषधियों, मनोरोगी पदार्थों के व्यापार, खेती, उत्पादन, निर्माण, खरीद, बिक्री, परिवहन और उपयोग को नियंत्रित करना है यह दो तरह के पदार्थ है इसमें नारकोटिक्स (जैसे चरस, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन) और साइकोट्रोपिक (केमिकल आधारित पदार्थ, जैसे एलएसडी, एमडीएमए, अल्प्राजोलम) शामिल हैं। इस एक्ट में सजा के प्रावधान अलग अलग है सजा मादक पदार्थ की मात्रा के आधार पर तय होती है छोटी मात्रा इसमें 1 वर्ष तक की कैद या 10,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।मध्यम मात्रा इसमें 10 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है।व्यावसायिक मात्रा इसमें 10 से 20 साल तक का सश्रम कारावास और 1 से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। शिविर मे प्राधनाचार्य ए0के0एस0 गौर, प्रतिभा आर्या, यशवंत कुमार अन्य मौजूद रहे।।।




















