नियमित व सेवानिवृत कर्मचारीयो ने
अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर किया धरना प्रदर्शन
अधीक्षण अभियंता व ई ई कार्यालय से रहे नदारत
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नैनीताल। सरोवर नगरी मे नियमित व सेवानिवृत कर्मचारियों ने पेंशन बहाली की मांग करते हुए अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर सीएम धामी और अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन करते हुए नारे बाजी की बता दें 16 जनवरी से शासन आदेश जारी कर सरकार ने नैनीताल जिले के नियमित व सेवानिवृत कर्मचारीयो का वेतन रोक दिया। संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष गिरीश चंद जोशी ने कहा 16 जनवरी 2026 को सरकार ने काला कानून पास कर कर्मचारियों पर आर्थिक संकट में कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 2018 में कर्मचारियों को पेंशन बहाली की गई थी। और तब से लेकर जनवरी महा तक लगातार मिल रही थी। जब इस महीने 5 फरवरी तक पेंशन नहीं आई तो पता चला विभाग ने जिले के सभी नियमित सेवानिवृत्ति कर्मचारियों की पेंशन रोक दी है। जबकि उन कर्मचारियों की नौकरी जिनका कार्यकाल 10 वर्ष नहीं हुआ है वह नहीं आते हैं इसके इन्होंने सभी की पेंशन रोककर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया है। बता दे वर्तमान धामी की सरकार 8 मई 2023 को एक अध्यादेश अपने कैबिनेट में लाए जिसे उनके द्वारा 16 जनवरी 2026 को लागू कर दिया है। और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। बता दे शासन ने 16 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश में एक अक्तूबर 2005 के बाद नियमित हुए वर्कचार्ज कार्मिकों की दस वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर ही पेंशन की परिधि में रखा गया है। आदेश के बाद कर्मचारी भुखमरी की कगार में आ गया है। उन्होंने कहा जल्दी ही धामी सरकार द्वारा यह शासन आदेश वापस नहीं लिया गया तो कर्मचारियों का परिवार आत्मदाह करने को मजबूर होगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग अधिकारियों और धामी सरकार की होगी। जोशी ने कहा जब तक शासन आदेश वापस नहीं होता अधिकारियों का तालाबंदी किया जाएगा। इस मौके पर गिरीश चंद्र जोशी,गोधन सिंह नेगी, आनंद सिंह, पूरन सिंह अनेरिया, कुंदन सिंह, ठाकुर सिंह, तुलसी देवी, भैरव दत्त, दीवान सिंह बिष्ट, कैलाश सिंह,नारायण सिंह, डिगर सिंह,नंदन राम, राजेंद्र सिंह, धन सिंह लटवाल, हेमा देवी, कमला देवी, देवकी देवी, तारा देवी, सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद थे।




















