नासा स्पेस अप्प्स चैलेंज को उत्तराखंड ला रहा है एस्ट्रोवर्स:
4 से 6 अक्टूबर तक ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी
व नासा इंटरनेशनल स्पेस अप्प्स चैलेंज करेगा मेजबानी
होगा ऐतिहासिक आयोजन

नैनीताल। सरोवर नगरी में ब्रह्मांड को लेकर विज्ञान और नवाचार की एक ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। 4 से 6 अक्टूबर तक ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल, नासा इंटरनेशनल स्पेस अप्प्स चैलेंज की मेजबानी करेगी। यह वही आयोजन है जिसे दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन माना जाता है। इस आयोजन को उत्तराखंड तक लाने का श्रेय स्थानीय स्टार्टअप एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड को जाता है, जो पहले से ही अपने एस्ट्रोपठशाला जैसे स्टेम प्रोग्राम के जरिए हज़ारों बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ चुका है। इस पहल के साथ अब राज्य और देश के युवाओं को सीधे नासा जैसी संस्था की चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा। क्यों है यह आयोजन विशेष? इसमें प्रतिभागियों को नासा द्वारा दी गई वास्तविक अंतरिक्ष समस्याओं पर काम करने का मौका मिलेगा। बता दे इसमें कोई आयु सीमा नहीं है – स्कूली बच्चे से लेकर कॉलेज छात्र और प्रोफेशनल तक हर कोई इसमें हिस्सा ले सकता है। विजेता टीमों को नासा के ग्लोबल राउंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।
स्कूली बच्चों के लिए विशेष ट्रैक
एस्ट्रोवर्स ने स्कूली बच्चों के लिए “क्रिएट योर ओन चैलेंज नामक ट्रैक तैयार किया है। इसमें पूरी तरह मुफ़्त वर्कशॉप और गतिविधियाँ होंगी, जैसे –
• पैराशूट रॉकेट्री और सैटेलाइट लॉन्चिंग
• हाइड्रो रॉकेट उड़ाना
• रोबो कबड्डी
सभी प्रतिभागियों को ट्रेनिंग और सामग्री वहीं उपलब्ध कराया जाएगा।
कॉलेज छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए नासा की चुनौतियाँ
• असतेरोइड वाच: नए एस्टेरॉयड की खोज और उनका मार्ग निर्धारण है।




















