October 3, 2026
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सरोवर नगरी के विद्यालयों के युवा वैज्ञानिकों ने रॉकेट्री में रचा इतिहास

इंटर स्कूल प्रतियोगिता में दिखाई अपनी प्रतिभा

ओवरऑल अकाशयान ट्रॉफी ऑल सेंट्स कॉलेज को मिली

नैनीताल। सरोवर नगरी शिक्षा में नवाचार और विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एस्ट्रोपाथशाला—जो एस्ट्रोवर्स एक्सपीरियंस प्रा. लि. का शैक्षिक प्रकोष्ठ ने नैनीताल ज़ोन में इंटर-स्कूल रॉकेट्री प्रतियोगिता “अकाशयान स्पर्धा 2025” का
शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में मोहित जोशी (रजिस्ट्रार, एरीज), प्रिंसिपल ब्र. सेबेस्टियन, प्रिंसिपल सिस्टर मंजूषा, तथा एस्ट्रोवर्स के को-फाउंडर एवं सीईओ अजय रावत, को-फाउंडर एवं सीओओ शुभम कुमार, और सीटीओ रुपिन थापा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सभी ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की और उनकी वैज्ञानिक सोच की खुलकर प्रशंसा की। बता दे यह प्रतियोगिता वास्तव में एक रॉकेट्री युद्ध बन गई, जहाँ विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार का अद्भुत प्रदर्शन किया प्रतियोगिता चार श्रेणियाँ थीं—एयर रॉकेट्री, हाइड्रो (वॉटर) रॉकेट्री, क्रिएटिव रॉकेट्री और पैराशूट रॉकेट्री। एयर रॉकेट्री श्रेणी में सेंट जोसेफ कॉलेज के छात्र आरुष भंडारी, प्रज्ज्वल असवाल और आदि शाह ने विजेता बनकर परचम लहराया। हाइड्रो रॉकेट्री श्रेणी का खिताब ऑल सेंट्स कॉलेज की छात्राओं अन्वी हरितवाल, अपूर्वा शुक्ला और सेलीना शेख ने जीता। क्रिएटिव रॉकेट्री श्रेणी में कृतिका मिश्रा, समृद्धि और मिस्ती अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित कर विजेता स्थान प्राप्त किया। ओवरऑल अकाशयान ट्रॉफी ऑल सेंट्स कॉलेज को मिली, जिसने इस रॉकेट युद्ध में सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का गौरव हासिल किया। इस प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र न केवल किताबों तक सीमित हैं, बल्कि वे अपनी कल्पनाओं को उड़ान देकर विज्ञान के नए आयाम स्थापित करने में सक्षम हैं। दर्शकों ने भी इस अनोखे शो का भरपूर आनंद लिया और युवा रॉकेट वैज्ञानिकों की प्रतिभा का साक्षात्कार किया।एस्ट्रोपाथशाला, जो पहले से ही अपने एस टी ई एम-आधारित स्पेस एजुकेशन प्रोग्राम के लिए प्रसिद्ध है, ने इस आयोजन के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में नए आयाम जोड़े हैं। ऐसे मंच छात्रों को न केवल प्रयोग और नवाचार का अवसर देते हैं, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाते हैं कि आने वाला भारत विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेगा।

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