पालिका द्वारा लेक ब्रिज चुंगी पर लगे दरों के विरोध में
समाज सेविका संध्या शर्मा ने ज्ञापन देखकर कराई आपत्ति दर्ज
पालिका अध्यक्ष डॉक्टर खेतवाल और अधिशासी अधिकारी रोहिताश को सोपा ज्ञापन
स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बनाए जा रहे हैं पास: डॉक्टर सरस्वती खेतवाल


नैनीताल। सरोवर नगरी में नगर पालिका द्वारा लेक ब्रिज चुंगी और पार्किंग में अत्यधिक शुल्क बढ़ाए जाने शहर की जनता का विरोध शुरू हो गया है गुरुवार को समाजसेवी का संध्या शर्मा के नेतृत्व में शहर के कुछ लोगों द्वारा ज्ञापन देकर बड़े शुल्क में संशोधन की मांग की है। ज्ञापन में दो दर्जन लगभग लोगों ने साइन भी किए है। जिसमें उन्होंने बताया है नगरी पर्यटन नगरी के साथ-साथ शिक्षा का भी हब है और यहां पर सैकड़ो हजारों अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल लेने और छोड़ने आते हैं। और कुमाऊं मुख्यालय होने के नाते भी काफी फरियादी अपने कार्य के लिए रोजाना आते हैं। और उच्च न्यायालय भी पहुंचते हैं। जो पालिका द्वारा बढ़ाई गई दरों को वहन नहीं कर सकते हैं। पालिका द्वारा जो वृद्धि की जा रही है उसे पर्यटन पर भी गहरा असर पड़ेगा। जिस शहर की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। शहर में ऐसे कई कारोबारी हैं जो यहां पर लीज में रेस्टोरेंट व होटल लेकर व कई साधारण तरीके से व्यापार कर रहे हैं वह अपना व अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अत्यधिक शुल्क वृद्धि करना यहां के कारोबार व यहां के पर्यटन के लिए बहुत नुकसानदायक होगा। रोज मर्रा के लोगों के साथ अन्याय होगा। हम सभी नैनीताल वासी नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी से अत्यधिक शुल्क वृद्धि को ना बढ़ाये जाने पर पुनः विचार किये जाने का अनुरोध करते है।ऐसा ही टैक्स यदि हल्द्वानी नगर निगम, भवाली / भीमताल नगर पालिका ने लगा दिया तो नैनीताल निवासियों के लिये भी एक स्थान से दूसरे स्थान आना जाना मुश्किल हो जाएगा, हम सबको इसके दूरगामी परिणामों के विषय में सोचना चाहिए।
कृपया इस टोल वृद्धि के फैसले को वापस लिया जाय और यदि भविष्य में इस तरह का कोई फैसला करते हैं तो उसका शहर की जनता पुरजोर विरोध करेगी। और आंदोलन को बाध्य ही होगी जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका की होगी।
नैनीताल पालिका अध्यक्ष डॉ सरस्वती खेतवाल ने ज्ञापन लेने के पश्चात पहुंचे लोगों को बताया कि मार्च से स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के वाहन पास बनाए जा रहे हैं। और स्थानीय लोगों को पास बनाने में कोई असुविधा भी नहीं हो रही है। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद दरो में वृद्धि की गई है और पुनः विचार के लिए बोर्ड बैठक में दरों को लेकर विचार जनहित में किया जाएगा।




















